Chhattisgarh News: आजादी के 78 साल बाद चिरमिरी शहर के लिए एक ऐतिहासिक बदलाव की तैयारी हो चुकी है. यह वही चिरमिरी है, जिसने देश को कोयले से रोशन किया, लेकिन खुद अब तक सरकारी बिजली से वंचित रहा. एसईसीएल क्षेत्र में रहने वाले हजारों परिवार दशकों से कोल माइंस की अस्थायी और अनियमित बिजली के भरोसे जीवन जीते रहे. अब यह सिलसिला टूटने जा रहा है. छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) की सरकारी बिजली पहली बार चिरमिरी नगर निगम के सभी वार्डों तक पहुंचेगी. लंबे इंतजार के बाद शुरू होने वाली यह योजना शहर की रोजमर्रा की जिंदगी को पूरी तरह बदलने वाली है.
कोयला था, लेकिन बिजली अपनी नहीं थी
चिरमिरी देश के प्रमुख कोयला उत्पादक क्षेत्रों में गिना जाता है. पीढ़ियों से लोग खदानों के आसपास बसे रहे, लेकिन विडंबना यह रही कि सरकारी बिजली लाइनें उनके घरों तक कभी नहीं पहुंचीं. एसईसीएल की सप्लाई पर निर्भरता रही, जो बार‑बार बंद होती थी. पढ़ाई, इलाज, छोटे कारोबार—सब कुछ इसी अनियमित बिजली से प्रभावित होता रहा.
Chhattisgarh News: 78 साल बाद बिजली
9 दिसंबर 2024 को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जब मनेन्द्रगढ़‑चिरमिरी‑भरतपुर जिले के प्रवास पर थे, तब उन्होंने नगर निगम चिरमिरी को CSPDCL से जोड़ने की घोषणा की थी. उस वक्त यह घोषणा लोगों को एक भरोसे जैसी लगी थी. दशकों से सुनते आए आश्वासनों के बीच यह वादा धीरे‑धीरे हकीकत का रूप लेता दिख रहा है.
Chhattisgarh News: आदेश की कॉपी
अब योजना पर काम शुरू
छत्तीसगढ़ सरकार के 8 मई 2026 के आदेश के अनुसार मुख्यमंत्री शहरी विद्युतीकरण योजना के तहत 30 मार्च 2026 को चिरमिरी नगर निगम को 53.08 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए. पुराने बजट की 49 लाख रुपये की शेष राशि मिलाकर कुल 53.57 करोड़ रुपये से वर्ष 2026‑27 में बिजली अधोसंरचना का काम शुरू होगा. यह राशि पूरी तरह नए ट्रांसफार्मर, लाइन और वितरण नेटवर्क पर खर्च की जाएगी. चिरमिरी के विधायक और प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि यह केवल बिजली का मुद्दा नहीं, बल्कि लोगों के अधिकार से जुड़ा कदम है. लंबे समय से जिस बुनियादी सुविधा की कमी थी, अब वह पूरी होने जा रही है.
दूरस्थ इलाकों में भी पहुंचेगी रोशनी
इस परियोजना के तहत चिरमिरी के एसईसीएल क्षेत्र के सभी वार्डों में CSPDCL का नेटवर्क बिछेगा. डोमनहिल, गेल्हापानी, कोरिया कॉलरी और पोड़ी जैसे इलाके, जहां सरकारी बिजली अब तक सिर्फ नाम मात्र थी, वहां भी नियमित सप्लाई शुरू होगी. इससे घरेलू जीवन के साथ‑साथ छोटे व्यापार और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे.
शहर की जिंदगी में बड़ा बदलाव
स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली आने से बच्चों की पढ़ाई, महिलाओं का घरेलू काम और स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा फर्क पड़ेगा. वर्षों से चले आ रहे अंधेरे का दौर अब खत्म होता दिख रहा है.
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