“खाद सोने‑चांदी जैसी कीमती हो गई है”; पश्चिम एशिया संघर्ष से भोपाल के किसान परेशान

West Asia Conflict: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष ने भारत में खाद की आपूर्ति को झटका दिया है. भोपाल के किसान बताते हैं कि खाद अब सोने‑चांदी जैसी महंगी हो चुकी है. पढ़िए पूरी रिपोर्ट.

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
पश्चिम एशिया संघर्ष से भोपाल के किसान परेशान

West Asia Conflict: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर अब देश के किसानों पर भी साफ दिखने लगा है. इस क्षेत्र में चल रहे युद्ध के कारण भारत में खाद की आपूर्ति प्रभावित हो रही है, जिससे फसलों के उत्पादन में कमी और खाद्य महंगाई बढ़ने की आशंका जताई जा रही है. मध्यप्रदेश, खासकर भोपाल के किसानों ने सरकार से खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए समय रहते ठोस कदम उठाने की मांग की है. पश्चिम एशिया में संघर्ष की शुरुआत 28 फरवरी को इज़राइल‑अमेरिका के ईरान पर हमलों से हुई थी. इसके बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई से संघर्ष फैलता चला गया, जिसका असर अब वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर दिखाई देने लगा है.

रबी‑खरीफ में पहले ही झेल चुके हैं संकट

किसानों का कहना है कि पिछले रबी और खरीफ सीजन में उन्हें खाद की भारी किल्लत का सामना करना पड़ा था. इस दौरान कालाबाजारी भी बड़ी समस्या बनी. भोपाल के किसान कपिल पाटीदार ने बताया कि जब रबी सीजन में डाई‑अमोनियम फॉस्फेट (DAP) नहीं मिला, तो उन्हें मजबूरी में एनपीके (नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटाश) खाद ब्लैक मार्केट से खरीदनी पड़ी.

‘खाद अब सोने‑चांदी से कम नहीं'

कपिल पाटीदार ने कहा, “हमें सरकार पर भरोसा है, लेकिन यह जरूरी है कि पर्याप्त भंडारण किया जाए और पहले जैसी व्यवस्था बहाल हो, जब खाद आसानी से मिल जाती थी. मौजूदा हालात में खाद जुटाना बेहद मुश्किल हो गया है. यह अब सोने या चांदी जितनी कीमती हो गई है.”

संघर्ष बढ़ा तो संकट और गहराएगा

एक अन्य किसान कैलाश नारायण पाटीदार ने आशंका जताई कि अगर पश्चिम एशिया का संघर्ष लंबा खिंचता है तो हालात और खराब होंगे. उन्होंने कहा, “पहले भी खाद की कमी देखी गई है, लेकिन अगर युद्ध जारी रहा तो संकट और गहरा जाएगा. पेट्रोलियम उत्पाद, जो इस सेक्टर से सीधे जुड़े हैं, विदेशों से आयात होते हैं, जिससे लागत और आपूर्ति दोनों प्रभावित होगी.”

Advertisement

धान की बुआई से पहले बढ़ी चिंता

किसान चतुर नारायण पाटीदार ने बताया कि इस समय धान की बुआई का मौसम नज़दीक है, जिसमें भारी मात्रा में खाद की जरूरत होती है. उन्होंने कहा, “पहले से ही खाद की कमी है. पिछले सीजन में पर्याप्त आपूर्ति नहीं मिली थी और इस बार स्थिति और खराब लग रही है. अगर विदेशों से सप्लाई ही बंद हो गई तो किसान खाद कहां से लाएंगे? ऐसे में महंगाई बढ़ना तय है और लोग मनमाने दामों पर खाद बेचने लगेंगे.”

आयात प्रभावित, जहाज फंसे; यूरिया और डीएपी की कीमतों में तेज उछाल

खाद संकट पर विशेषज्ञ योगेश द्विवेदी ने बताया कि पश्चिम एशिया संघर्ष के चलते भारत के तेल और खाद के आयात पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है. उन्होंने कहा, “हालांकि सरकार इस स्थिति से निपटने की कोशिश कर रही है, लेकिन इस समय एलपीजी टैंकरों की खेप को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे खाद ले जा रहे जहाज बंदरगाहों पर फंसे हुए हैं. हालांकि फरवरी में सरकार ने खाद का कुछ भंडार पहले ही तैयार कर लिया था.” द्विवेदी ने चेतावनी दी कि इसका असर निकट भविष्य में साफ दिख सकता है. उन्होंने बताया कि यूरिया की कीमत 450 डॉलर प्रति मीट्रिक टन से बढ़कर 600 डॉलर प्रति मीट्रिक टन हो चुकी है, जबकि डीएपी की कीमतों में भी लगभग 25 डॉलर की बढ़ोतरी हुई है. ओमान, सऊदी अरब और रूस जैसे देशों से आने वाली गैस और अन्य इनपुट्स की आपूर्ति भी प्रभावित हो सकती है.

Advertisement

घरेलू उत्पादन भी आयात पर निर्भर

विशेषज्ञों के अनुसार, देश में खाद बनाने के कई संयंत्र सक्रिय हैं, लेकिन इनके लिए जरूरी कच्चा माल बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और यूएई जैसे खाड़ी देशों से आता है. होर्मुज जलडमरूमध्य में उत्पन्न लॉजिस्टिक बाधाओं के कारण आगे किसानों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं. क्रिसिल रेटिंग्स की एक हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम एशिया संघर्ष से जुड़ी सप्लाई चेन बाधाएं भारत में यूरिया और जटिल खादों के वार्षिक उत्पादन को 10 से 15 प्रतिशत तक प्रभावित कर सकती हैं. इससे कंपनियों की लाभप्रदता घटेगी और सरकार पर सब्सिडी का बोझ 20,000 से 25,000 करोड़ रुपये तक बढ़ सकता है.

यह भी पढ़ें : चार धाम यात्रा पर गैस संकट की आहट; कैसे होगी 20 लाख LPG सिलेंडरों की व्यवस्था? ऑपरेटर परेशान

यह भी पढ़ें : नक्सल-मुक्त भारत पर लोकसभा में चर्चा, 30 मार्च को होगी अहम बहस

यह भी पढ़ें : धर्मांतरण करने वाले आदिवासियों के आरक्षण पर संसद में बयान; MP में गरमाई सियासत, BJP और कांग्रेस आमने‑सामने

यह भी पढ़ें : IPL 2026: थाला के फैंस के लिए बुरी खबर; चोटिल MS धोनी पहले दो हफ्ते नहीं खेल सकते, CSK को बड़ा झटका

Advertisement
Featured Video Of The Day
Iran Israel War: तबाही के ढेर पर पश्चिम एशिया? एक गलती और जिंदगी नर्क बन जाएगी! | Trump | Nuclear