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टोल्यामोरी रिलेशनशिप का नया ट्रेंड या धोखे का नया नाम? जानिए Tolyamoori डेटिंग का खेल

Tolyamory Dating Trend: टोल्यामोरी भले ही एक नया ट्रेंडिंग शब्द हो, लेकिन इसका मतलब कोई नई या अच्छी चीज नहीं है. यह सिर्फ एक ऐसा तरीका है, जिसमें लोग धोखे को सहन करने को नॉर्मल बनाने की कोशिश कर रहे हैं.

टोल्यामोरी रिलेशनशिप का नया ट्रेंड या धोखे का नया नाम? जानिए Tolyamoori डेटिंग का खेल
टोल्यामोरी में आपस में कोई सहमति नहीं होती.

Tolyamory Dating: आजकल रिश्तों की दुनिया में हर दिन एक नया शब्द सुनने को मिल जाता है. कभी सिचुएशनशिप, कभी घोस्टिंग और अब एक नया शब्द सामने आया है टोल्यामोरी. नाम सुनने में थोड़ा मॉडर्न और स्मार्ट लगता है, लेकिन असल में इसका मतलब उतना ही उलझा हुआ और परेशान करने वाला है. यह कोई ऐसा रिलेशनशिप मॉडल नहीं है जिसमें दोनों पार्टनर खुश हों या आपसी समझ हो. बल्कि यह एक ऐसी स्थिति को दर्शाता है, जहां एक पार्टनर दूसरे की बेवफाई को बस सहता रहता है. आज के समय में जब रिश्तों को कूल और ओपन दिखाने का दबाव बढ़ गया है, ऐसे शब्द और भी ज्यादा भ्रम पैदा कर रहे हैं.

टोल्यामोरी क्या है? | What is Tolyamoori?

टोल्यामोरी शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है, टोलरेट (सहन करना) और पॉलीअमोरी (एक से ज्यादा रिश्ते, लेकिन आपसी सहमति से). लेकिन, यहां फर्क समझना बहुत जरूरी है. पॉलीअमोरी में सभी लोग एक-दूसरे की जानकारी और सहमति से रिश्ते में होते हैं. जबकि टोल्यामोरी में कोई सहमति नहीं होती. यह एक ऐसी स्थिति है, जहां एक पार्टनर धोखा देता है और दूसरा उसे नजरअंदाज करता रहता है, कभी मजबूरी में, कभी डर में और कभी भावनात्मक जुड़ाव के कारण.

यह सिर्फ एडजस्टमेंट नहीं, बल्कि धोखा है:

कई लोग इसे समझदारी या मैच्योरिटी समझ लेते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि यह रिश्ते में असमानता और अनादर को दिखाता है. एक व्यक्ति बार-बार गलत करता है, दूसरा चुप रहकर सब सहता रहता है.

यह बैलेंस रिलेशन नहीं, बल्कि एकतरफा समझौता है. इसे नया नाम देने से इसकी सच्चाई नहीं बदलती, यह साफ तौर पर चीटिंग (धोखा) ही है.

Dating Apps Turning Romance Into A Checklist. Photo: Freepik

Dating Apps Turning Romance Into A Checklist. Photo: Freepik

क्यों बढ़ रहा है यह ट्रेंड?

आज के समय में टोल्यामोरी के बढ़ने के पीछे कुछ बड़ी वजहें हैं:

कूल बनने का दबाव

आजकल लोगों को सिखाया जा रहा है कि ज्यादा सवाल मत पूछो, पजेसिव मत बनो. लेकिन, इसी चक्कर में लोग अपने अधिकार भूल जाते हैं.

सोशल मीडिया का असर

इंस्टाग्राम और अन्य प्लेटफॉर्म पर रिश्ते हमेशा परफेक्ट दिखाए जाते हैं. जब कोई सेलिब्रिटी बार-बार धोखा माफ करता है, तो लोग सोचने लगते हैं कि यही स्ट्रॉन्ग होने का तरीका है.

अकेले रहने का डर

कई बार लोग रिश्ते को इसलिए नहीं छोड़ते क्योंकि उन्हें डर होता है कि वे अकेले रह जाएंगे या फिर नई शुरुआत मुश्किल होगी.

क्या यह सच में सही है?

बिल्कुल नहीं. किसी भी रिश्ते की नींव होती है, सम्मान, भरोसा और ईमानदारी. अगर इनमें से कोई भी चीज नहीं है, तो रिश्ता सिर्फ नाम का रह जाता है.
टोल्यामोरी में अक्सर ये तीनों चीजें गायब होती हैं.

आखिर क्या करना चाहिए?

अपने भावनाओं को नजरअंदाज मत करें, अगर कुछ गलत लग रहा है, तो उसे सही मानने की मजबूरी न बनाएं, खुलकर बात करें और अगर जरूरत पड़े, तो ऐसे रिश्ते से बाहर निकलना ही बेहतर होता है.

टोल्यामोरी भले ही एक नया ट्रेंडिंग शब्द हो, लेकिन इसका मतलब कोई नई या अच्छी चीज नहीं है. यह सिर्फ एक ऐसा तरीका है, जिसमें लोग धोखे को सहन करने को नॉर्मल बनाने की कोशिश कर रहे हैं.

याद रखें आपको किसी भी ऐसे रिश्ते में रहने की जरूरत नहीं है, जो आपको दुख दे. कभी-कभी सबसे सही फैसला होता है, खुद को चुनना और आगे बढ़ जाना.

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