The Light and the Lotus Relics Exposition: दिल्ली में एक नई प्रदर्शनी का शुभारंभ हुआ है, जिसका नाम है 'द लाइट एंड द लोटस: रिलिक्स ऑफ द अवेकन्ड वन'. अगर आप भागदौड़ भरी जिंदगी में शांति और सुकून की तलाश कर रहे हैं, तो यह जगह आपके लिए बेस्ट ऑप्शन हो सकती है. लाडो सराय स्थित पिथोरा कल्चरल कॉम्पलेक्स में आयोजित इस प्रदर्शनी में आपको भगवान बुद्ध से जुड़े इतिहास और अमूल्य धरोहरों को जानने का भी मौका मिलेगा. आइए जानते हैं यह क्यों खास है और यहां आप कैसे पहुंच सकते हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 3 जनवरी को नई दिल्ली के पिथोरा कल्चरल कॉम्पलेक्स में भगवान बुद्ध से जुड़े पवित्र पिपरहवा अवशेषों की भव्य अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी 'द लाइट एंड द लोटस: रिलिक्स ऑफ द अवेकन्ड वन' का उद्घाटन किया था. 4 जनवरी से यह प्रदर्शनी आम जनता के लिए खोल दी गई है, जहां लोग भगवान बुद्ध के जीवन दर्शन से रूबरू हो सकेंगे.
क्यों खास है ये प्रदर्शनी?भगवान बुद्ध के अवशेष (Sacred Relics)इस प्रदर्शनी का सबसे मुख्य आकर्षण भगवान बुद्ध के असली शारीरिक अवशेष हैं, जिन्हें श्रद्धा के साथ यहां रखा गया है. इन अवशेषों के दर्शन करना किसी भी श्रद्धालु के लिए जीवन का सबसे आध्यात्मिक अनुभव हो सकता है.
भगवान बुद्ध के इतिहास की झलक'द लाइट एंड द लोटस: रिलिक्स ऑफ द अवेकन्ड वन' एक्सपोजिशन में आपको भगवान बुद्ध से जुड़े इतिहास की झलक देखने को मिलेगी. साथ ही यहां उनके 'अवेकन्ड वन' (जागृत पुरुष) बनने की यात्रा को ऐतिहासिक सबूतों के जरिए से दर्शाया गया है.
शांति का एहसासजैसे ही आप इस प्रदर्शनी में एंट्री करेंगे आपको शांति और सुकून का अनुभव होगा. अगर आप मेडिटेशन करना चाहते हैं तो यह जगह आपके लिए बेस्ट हो सकती है.
कैसे पहुंचें?जानकारी के लिए बता दें कि 'द लाइट एंड द लोटस: रिलिक्स ऑफ द अवेकन्ड वन' का आयोजन लाडो सराय स्थित पिथोरा कल्चरल कॉम्पलेक्स में किया जा रहा है. यहां पहुंचने के लिए सबसे नजदीकी मेट्रो स्टेशन मालविय नगर मेट्रो स्टेशन (गेट नंबर-1) है. यह एक्सपोजिशन सुबह 9 बजे से लेकर रात 9 बजे तक खुली रहती है.
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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