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खट्टी डकार और सीने में जलन से परेशान? प्रेग्नेंसी में क्यों बढ़ती है एसिडिटी, जानें राहत पाने के आसान उपाय

Acidity Problem: एसिडिटी होना आम है, लेकिन जब हम इसके लक्षणों को बार-बार इग्नोर करते हैं, तो ये बड़ी समस्या बन सकती है. खासकर प्रेग्नेंसी में एसिडिटी की दिक्कत बहुत ज्यादा होती है. जानें क्या है इसका कारण और कैसे करें बचाव.

खट्टी डकार और सीने में जलन से परेशान? प्रेग्नेंसी में क्यों बढ़ती है एसिडिटी, जानें राहत पाने के आसान उपाय
Acidity In Pregnancy: गर्भावस्था में एसिडिटी एक आम समस्या है.

Acidity During Pregnancy: गर्भावस्था एक खूबसूरत अनुभव है, लेकिन इसके साथ कुछ शारीरिक परेशानियां भी जुड़ी होती हैं. इन्हीं में से एक है पेट में जलन और खट्टी डकार (Indigestion) आना. लगभग हर दूसरी गर्भवती महिला इस समस्या से गुजरती है. इसमें सीने में जलन (Heartburn) गले तक खट्टापन आना, मुंह में खट्टा स्वाद बने रहना, जी मिचलाना और उल्टी जैसा महसूस होना आम लक्षण हैं. कई बार यह जलन इतनी बढ़ जाती है कि ऐसा लगता है जैसे आग गले तक पहुंच रही हो. यह स्थिति परेशान करने वाली जरूर है, लेकिन सही जानकारी और सावधानियों से इसे काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है.

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क्यों बढ़ती है एसिडिटी? | Why Does Acidity Increase? 

गर्भावस्था में शरीर में हार्मोनल बदलाव होते हैं, खासकर प्रोजेस्टेरोन हार्मोन बढ़ता है. यह पाचन तंत्र को धीमा कर देता है, जिससे खाना देर से पचता है और पेट का एसिड ऊपर की ओर आने लगता है. जैसे-जैसे बच्चा बढ़ता है, गर्भाशय पेट पर दबाव डालता है, जिससे यह समस्या और बढ़ जाती है.

एसिडिटी के लक्षण | Symptoms of Acidity

  • सीने और गले में जलन.
  • बार-बार खट्टा डकार आना.
  • मुंह में खट्टा स्वाद.
  • जी मिचलाना या उल्टी जैसा लगना.
  • खाना खाने के बाद भारीपन.
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खानपान में क्या बदलाव करें? | What Changes Should be Made to the Diet?

  • लंबे समय तक भूखे न रहें, थोड़े-थोड़े अंतराल पर खाएं.
  • हल्का और सुपाच्य भोजन लें जैसे दलिया, खिचड़ी.
  • उबली सब्जियां और सादा खाना ज्यादा लें.
  • नारियल पानी, छाछ और ठंडी तासीर वाली ड्रिंक्स लें.
  • दिनभर पर्याप्त पानी पिएं.

किन चीजों से बचें?

  • ज्यादा तेल और मसालेदार खाना.
  • खट्टे और पैकेज्ड फूड.
  • ज्यादा चाय-कॉफी.
  • खाना खाने के तुरंत बाद लेटना.

रोजमर्रा की आदतें सुधारें:

  • खाने के बाद 10-15 मिनट टहलें.
  • सोते समय बाईं करवट लें.
  • ढीले और आरामदायक कपड़े पहनें.
  • पर्याप्त नींद लें.
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घरेलू उपाय जो देंगे राहत:

  • लौंग और आंवला पानी में भिगोकर सुबह पीना.
  • अजवाइन या सौंफ का पाउडर चीनी के साथ लेना.
  • ठंडा दूध या केला खाना भी राहत देता है.

कब डॉक्टर से मिलना जरूरी है?

अगर ये लक्षण बहुत ज्यादा बढ़ जाएं या निम्न संकेत दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें:

  • पेट के ऊपरी हिस्से में तेज दर्द.
  • खून की उल्टी.
  • काले रंग का मल.
  • भूख लगने पर ज्यादा दर्द.

गर्भावस्था में एसिडिटी एक आम समस्या है, लेकिन सही खानपान, रूटीन और छोटे-छोटे उपायों से इसे काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है. शरीर के संकेतों को समझें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह जरूर लें.
 

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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