आज के समय में बच्चों को मोबाइल फोन, टैबलेट और टीवी स्किन से दूर रखना बहुत ही चुनौती वाला काम हो गया है. बच्चों के हाथ से फोन ले लिया जाए या फिर स्क्रीन बंद कर दिया जाए तो बच्चे नाराज हो जाते हैं, रोने लगते हैं या जिद करने लगते हैं. ऐसे में घर का माहौल भी तनावपूर्ण हो जाता है. कई बार माता पिता बच्चे को चुप कराने के लिए फोन दे देते हैं, लेकिन ज्यादा फोन भी बच्चों के लिए सही नहीं है. अगर, आप भी अपने बच्चे का स्क्रीन टाइम बिना डांट-फटकार के कम करना चाहते हैं तो कुछ आसान टिप्स आपके काम आ सकती हैं. चलिए आपको बताते हैं ऐसे आसान टिप्स, जिनकी मदद से आप बिना रोजाना की बहस और तनाव के बच्चे का स्क्रीन टाइम कम कर सकते हैं.
स्क्रीन टाइम के लिए एक टाइम सेट करें
बच्चा हमेशा मोबाइल की जिद करता है तो उसके लिए आप पहले से एक समय तय करने का प्रयास करें. उदाहरण के लिए, आप तय कर सकते हैं कि होमवर्क पूरा करने के बाद या दोपहर के खाने के बाद कुछ समय के लिए स्क्रीन देखने दें. जब बच्चों को पहले से पता होता है कि उन्हें स्क्रीन टाइम कब मिलेगा, तो वे यह महसूस नहीं करते कि उनसे अचानक मोबाइल या टीवी छीन लिया गया है. छोटे बच्चों के लिए एक आसान-सा डेली चार्ट भी बनाया जा सकता है, जिसमें स्कूल, होमवर्क, खेल, स्क्रीन टाइम, डिनर और सोने का समय लिखा हो.
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बिना बताए अचानक स्क्रीन बंद न करें
बच्चा अगर कुछ देख रहा है तो अचानक स्क्रीन बंद नहीं करें. स्क्रीन टाइम खत्म होने से पहले बच्चे को तैयारी का समय दें. उदाहरण के लिए, आप कह सकते हैं, "तुम्हारे पास 10 मिनट और हैं. इसके बाद 5 मिनट और फिर 2 मिनट बाकी होने पर भी याद दिलाएं. बच्चे से खुद टाइमर सेट करने के लिए भी कह सकते हैं. इससे उसे थोड़ी जिम्मेदारी और कंट्रोल का एहसास होगा, जबकि नियम भी बने रहेंगे. सबसे जरूरी बात यह है कि स्क्रीन बंद होने के बाद क्या करना है, इसकी जानकारी बच्चों को पहले ही दे दें. जैसे- टैबलेट के बाद हम पार्क में खेलने जाएंगे या मोबाइल रखने के बाद हम साथ में कहानी पढ़ेंगे.
खेलने और सीखने के दूसरे ऑप्शन दें
अगर, आप बच्चे का स्क्रीन टाइम कम करना चाहिए, तो बच्चों खेलने और सीखने के दूसरे ऑप्शन दें. जैसे- बच्चों को बोर्ड गेम्स, पजल या आउटडोर खेलने के लिए प्रेरित करें. उनकी रुचि पेंटिंग, क्राफ्ट, डांस या किताब पढ़ने जैसी एक्टिविटी बढ़ाएं. शुरुआत में उनके साथ खुद खेलें ताकि उनका मन फोन से हटे.
कुछ समय और जगह को पूरी तरह स्क्रीन-फ्री रखें
पूरे घर में स्क्रीन पर पाबंदी लगाने की जरूरत नहीं है. इसकी बजाय दिन के कुछ खास समय और जगहों को स्क्रीन-फ्री जोन बना सकते हैं. उदाहरण के लिए, खाने की मेज, बेडरूम, सुबह उठने के बाद का समय और सोने से पहले का समय स्क्रीन-फ्री रखा जा सकता है. ध्यान रखें कि ये नियम सिर्फ बच्चों के लिए नहीं, बल्कि पूरे परिवार के लिए होने चाहिए. अगर माता-पिता खुद डिनर के दौरान बार-बार फोन देखते रहें और बच्चों से मोबाइल दूर रखने को कहें, तो बच्चे भ्रमित हो सकते हैं.
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