दशहरे पर रावण दहन देखने का उत्साह बच्चों से लेकर बड़ों तक में होता है. रंग-बिरंगी लाइटें, मेले की रौनक, खिलौनों की दुकानें और आतिशबाजी बच्चों के लिए किसी बड़े उत्सव से कम नहीं होतीं है. लेकिन इस खुशी के बीच बच्चों की सुरक्षा का ध्यान रखना भी जरूरी है. रावण दहन के दौरान भारी भीड़, आग की लपटें, चिंगारियां और धक्का-मुक्की परेशानी पैदा कर सकती हैं. ऐसे में अगर आप भी बच्चों के साथ दशहरा मनाने और रावण दहन देखने जा रहे हैं तो कुछ जरूरी बातों को नजरअंदाज न करें. आइए जानते हैं कि मेले में बच्चों को ले जाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.
भीड़ से दूर सुरक्षित चुनें जगह
जानकारी के अनुसार, अगर आप अपने परिवार में माता-पिता और बच्चों के साथ रावण दहन देखने जा रहे हैं तो बच्चों का ध्याान जरूर रखें. दरअसल, रावण दहन के समय मैदान में बड़ी संख्या में लोग जमा होते हैं. ऐसे में बच्चों के साथ ऐसी जगह खड़े हों, जहां से कार्यक्रम दिखाई दे और जरूरत पड़ने पर बाहर निकलने का रास्ता भी आसानी से मिल सके. भीड़ में आगे जाने के लिए धक्का-मुक्की न करें और रामलीला आयोजकों की ओर से बनाए गए सुरक्षा घेरे को पार न करें.
आग और आतिशबाजी से रखें दूरी
बता दें कि रावण के पुतले में आग लगने के दौरान चिंगारियां और जलते हुए हिस्से दूर तक जा सकते हैं. इसलिए बच्चों को पुतले और आतिशबाजी से सुरक्षित दूरी पर रखें. उन्हें जलते या अधजले पटाखों को छूने और उठानने से भी रोकें. ये सारी बातें आप अपने बच्चों को समझाएं, ताकि बच्चों को आने वाली परेशानी से बचााया जा सकें.
बच्चों का हाथ पकड़कर रखें
मेले में खिलौनों और खाने-पीने की दुकानों को देखकर बच्चे काफी खुश हो जाते हैं और इधर-उधर जा सकते हैं. ऐसे में अपनी पत्नी को बोलों कि खुद के सााथ बच्चों का हाथ पकड़कर रखें और उन्हें अकेले कहीं न जाने दें. सबसे जरूरी बात यह है कि जब आप अपने बच्चे के मेला देखने जााए तो घर पर ही अपने और परिवार के अन्य सदस्यों को मोबाइल नंबर एक पर्ची में लिखकर उसी जेब में रखख दें.
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बच्चे के कपड़ों और जूतों का रखें विशेष ध्यान
इसके अलावा, अपन बच्चों को ऐसे कपड़े पहनाएं जिनमें वे आसानी से चल-फिर सकें. बहुत लंबे या जमीन पर घिसटने वाले कपड़ों से बचें. अपनी पत्नी को बोलों कि बच्चों को आरामदायक जूते पहनाएं, ताकि भीड़ में चलने के दौरान फिसलने या ठोकर लगने का खतराा कम हो.
शोर से बच्चों को बचाएं
साथ ही, रावण दहन के दौरान तेज आवाज में पटाखे चल सकते हैं. छोटे बच्चे तेज आवाज से घबरा सकते हैं. अगर बच्चा परेशान हो रहा है तो उसे भीड़ और शोर से दूर किसी शांत जगह पर ले जाएं. जरूरत हो तो बच्चों के लिए उपयुक्त ईयर प्रोटेक्शन का इस्तेमााल करें.
पहले से तय करें मिलने की जगह
मेले में पहुंचने से पहले बच्चों को समझाएं कि अगर वे आपसे किसी तरह बिछड़ड़ जाएं तो किसी सुरक्षित स्थान पर मौजूद पुलिसकर्मी या आयोजन के सहायता केंद्र से मददद लें. बच्चों को अपना नाम और मम्मी-पापा का फोन नंबर याद कराने की कोशिश करें.
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