Weight Loss Drug Side Effects: आजकल तेजी से वजन घटाने के लिए लोग शॉर्टकट तलाशते हैं और ऐसे में ओजेम्पिक का नाम काफी चर्चा में है. लेकिन, क्या यह सच में उतना आसान है जितना सोशल मीडिया पर दिखता है? एक भारतीय महिला आकांक्षा सदेकर चौहान ने अपने अनुभव से इस भ्रम को तोड़ा है. उन्होंने 8 महीनों में 30 किलो वजन जरूर घटाया, लेकिन इसके पीछे की सच्चाई उतनी सरल नहीं थी. उन्होंने साफ कहा कि यह कोई मैजिक दवा नहीं है, बल्कि एक गंभीर मेडिकल ट्रीटमेंट है, जिसे बिना डॉक्टर की सलाह के लेना खतरनाक हो सकता है. उनका अनुभव बताता है कि इस दवा के साथ शरीर और मन दोनों को कई बदलावों से गुजरना पड़ता है. इसलिए इसे अपनाने से पहले पूरी जानकारी और सावधानी बेहद जरूरी है.
आकांक्षा ने बताया कि उन्होंने इस दवा को कभी भी हल्के में नहीं लिया:
उन्होंने पहले ब्लड टेस्ट करवाए. डॉक्टर से विस्तार से सलाह ली और यह समझा कि यह दवा शरीर पर कैसे असर डालती है. उनका कहना है कि ओजेम्पिक शुरू करना मतलब अपने शरीर के साथ एक तरह का समझौता करना है. शुरुआत में वजन धीरे-धीरे कम होता है, लेकिन समय के साथ इसका असर दिखने लगता है.
आसान नहीं है यह सफर:
आकांक्षा के अनुसार, इस दवा के साथ कई चुनौतियां भी आती हैं:
- कई दिनों में पेट ठीक से काम नहीं करता.
- पसंदीदा खाना भी खाने में परेशानी होती है.
- अचानक एनर्जी कम हो जाती है.
- शरीर का मेटाबॉलिज्म बदलने लगता है.
उन्होंने कहा कि यह सिर्फ फैट लॉस नहीं है, बल्कि शरीर के अंदर बड़े बदलाव होते हैं, जिनके बारे में लोग खुलकर बात नहीं करते.
Everyone's celebrating that Ozempic is about to go generic in India.
— Aakanksha Sadekar Chauhan (@scotthakuraaiin) March 22, 2026
Cheaper access. Wider reach. More people finally getting help.
And yes, part of me is genuinely glad.
But I've also lived it.
And I need to say this before it turns into the next “just take this and your… pic.twitter.com/rUqVuqTVfp
ओजेम्पिक कैसे काम करता है?
- ओजेम्पिक एक GLP-1 रिसेप्टर एगोनिस्ट दवा है.
- यह भूख को कम करता है.
- पाचन प्रक्रिया को धीमा करता है.
- पेट भरा होने का एहसास बढ़ाता है.
इसी कारण लोग कम खाते हैं और वजन घटने लगता है. लेकिन, डॉक्टर बताते हैं कि इसे सिर्फ वजन घटाने के लिए नहीं, बल्कि मुख्य रूप से टाइप-2 डायबिटीज के इलाज के लिए बनाया गया है.
सभी के लिए सही नहीं है?
यह दवा हर किसी के लिए सुरक्षित नहीं होती. जिन लोगों को थायरॉयड कैंसर का इतिहास है, टाइप-1 डायबिटीज के मरीज, गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाएं. ऐसे लोगों को इसे बिल्कुल नहीं लेना चाहिए.
साइड इफेक्ट्स भी हैं गंभीर:
एक्सपर्ट्स के अनुसार इसके कई साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं:
- उल्टी और मितली
- कब्ज
- पेट का लकवा (gastroparesis)
- शरीर में पोषण की कमी
कई मामलों में दवा बंद करने के बाद वजन फिर से बढ़ भी सकता है.
क्या सलाह देती हैं आकांक्षा?
उन्होंने खासतौर पर भारत में लोगों को चेतावनी दी:
- पहले डॉक्टर से बात करें.
- जरूरी टेस्ट करवाएं.
- सिर्फ पहले और बाद की फोटो देखकर फैसला न लें.
उनका कहना है कि यह एक पावरफुल ट्रीटमेंट है और इसे बिना समझे शुरू करना नुकसानदेह हो सकता है. ओजेम्पिक वजन घटाने का आसान तरीका नहीं है, बल्कि एक गंभीर मेडिकल प्रक्रिया है. आकांक्षा की कहानी यह सिखाती है कि किसी भी ट्रेंड को आंख बंद करके फॉलो करना सही नहीं है.
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