कन्नड़ एक्ट्रेस Swathi Sathish का रूट कैनाल सर्जरी से चेहरा पहचानना हुआ मुश्किल, जानिए क्या है यह सर्जरी और इसके प्रभाव

Swathi Sathish का चेहरा सर्जरी के बाद भी 20 दिनों तक सूजा हुआ है. सेलेब्रिटी ही नहीं बल्कि आम लोग भी इस सर्जरी को कराते हैं, इसलिए इसकी शुरुआती जानकारी आपको भी होनी चाहिए. 

कन्नड़ एक्ट्रेस Swathi Sathish का रूट कैनाल सर्जरी से चेहरा पहचानना हुआ मुश्किल, जानिए क्या है यह सर्जरी और इसके प्रभाव

Swathi Sathish कन्नड़ की मशहूर अभिनेत्री हैं. 

Kannada Actress: आपने चेहरे की सर्जरी के बाद सुना होगा कि किसी का चेहरा पहचानना मुश्किल हो गया है या बिगड़ गया है, लेकिन कन्नड़ एक्ट्रेस स्वाति सतीश (Swathi Sathish) के साथ एकदम उल्टा हुआ है. दांतों में की जाने वाली रूट कैनाल सर्जरी (Root Canal Surgery)  के कारण स्वाति का चेहरा सामान्य से एकदम अलग नजर आ रहा है. तस्वीरों में स्वाति के चेहरे का दायां हिस्सा बुरी तरह सूजा दिख रहा है जिससे लोगों के लिए उन्हें पहचानना तक मुश्किल हो गया है. यह सूजन आमतौर पर सर्जरी के कुछ घंटों बाद ठीक हो जाती है लेकिन स्वाति के साथ ऐसा नहीं हुआ बल्कि पिछले 20 दिन बीत जाने के बाद भी स्वाति का सूजा हुआ चेहरा जस का तस है. 


क्या है रूट कैनाल सर्जरी | What is Root Canal Surgery 

रूट कैनाल एक डेंटल प्रक्रिया है जिसमें दातों के संक्रमण को दूर करने के लिए सर्जरी की जाती है. कई बार बैक्टीरिया दांतों के अंदर तक पहुंचकर इंफेक्शन (Infection) कर देता है जिस कारण दांतों को बचाने के लिए रूट कैनाल थेरेपी या सर्जरी करनी पड़ती है. इसमें क्षतिग्रस्त हिस्से को हटाकर उसकी जगह दांतों में फिलिंग भरी जाती है. 

जिन लोगों के दांतों में लंबे समय से दर्द (Toothache) बना हुआ है और चेहरे का बाकी हिस्सा भी प्रभावित होने लगा है तो उन्हें रूट कैनाल सर्जरी कराने की जरूरत पड़ सकती है. वहीं, ठंडा गर्म लगना, मसूड़ों का सूजना, दांतों में दरार आना, दांत हिलना और दांतों का रंग बदलना बैक्टीरिया (Bacteria) से क्षतिग्रस्त दांतों के लक्षण हैं जिसमें रूट कैनाल सर्जरी की सलाह दी जाती है. इस सर्जरी के फेल होने पर दर्द, सूजन, पस निकलना, पिंपल और साइनस जैसे साइड इफेक्ट्स (Side Effects) हो सकते हैं. 


दांतों का इस तरह रखें ख्याल 

  • अपने दांतों का ख्याल रखना और लंबे समय तक बैक्टीरिया को नजरंदाज ना करना रूट कैनाल सर्जरी की नौबत आने को रोक सकता है. 
  • रोजाना 2 बार ब्रश करें और दांतों के साथ-साथ जीभ साफ करना ना भूलें. 
  • नमक के पानी से कुल्ला करने पर हल्के दर्द और सूजन से आराम मिलता है. 
  • नारियल तेल से ऑयल पुलिंग करने पर बैक्टीरिया से छुटकारा पाने में मदद मिलती है. 
  • नीम का इस्तेमाल दांतों के छोटे-मोटे इंफेक्शन को रोकता है. 
  • दांतों में पीलापन हो तो उसे दूर करें. 

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.

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