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ऑनलाइन शॉपिंग, OTT और चैटिंग ऐप्स पर पुरुषों से 42% ज्यादा समय बिताती हैं भारतीय महिलाएं - रिपोर्ट

इंडिया डिजिटल बिहेवियर रिपोर्ट 2025-26 के अनुसार, ऑनलाइन शॉपिंग से लेकर OTT, सोशल मीडिया, AI और डिजिटल पेमेंट्स तक, महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों से आगे हैं.

ऑनलाइन शॉपिंग, OTT और चैटिंग ऐप्स पर पुरुषों से 42% ज्यादा समय बिताती हैं भारतीय महिलाएं - रिपोर्ट
शॉपिंग और OTT ऐप्स पर पुरुषों से कहीं आगे महिलाएं.

आज स्मार्टफोन सिर्फ कॉल करने का साधन नहीं रह गया है, बल्कि यह हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का सबसे अहम हिस्सा बन चुका है. सुबह उठते ही लोग मैसेज चेक करते हैं, दिनभर सोशल मीडिया स्क्रॉल करते हैं और रात में OTT प्लेटफॉर्म पर वेब सीरीज या फिल्में देखते हैं. लेकिन, अब एक नई रिपोर्ट ने यह दिखाया है कि डिजिटल दुनिया में महिलाएं पुरुषों से कहीं ज्यादा एक्टिव हो चुकी हैं. इंडिया डिजिटल बिहेवियर रिपोर्ट 2025-26 के अनुसार, शहरी भारत की महिलाएं शॉपिंग, OTT और मैसेजिंग ऐप्स पर पुरुषों की तुलना में 42% ज्यादा समय बिता रही हैं. यह रिपोर्ट बताती है कि महिलाओं का डिजिटल बिहेवियर अब केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि वे ई-कॉमर्स, AI और ऑनलाइन पेमेंट जैसी डिजिटल सेवाओं को भी तेजी से अपना रही हैं. इससे साफ है कि भारत का डिजिटल भविष्य महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से नई दिशा ले रहा है.

40 करोड़ से ज्यादा लोगों का डेटा बना आधार

VTION और इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (IAMAI) द्वारा जारी इस रिपोर्ट के लिए 1 लाख से ज्यादा सहमति-प्राप्त स्मार्टफोन्स के डेटा का एनालिसिस किया गया. यह डेटा करीब 407 मिलियन यानी 40 करोड़ से ज्यादा शहरी भारतीयों के डिजिटल बिहेवियर को दर्शाता है. रिपोर्ट के अनुसार, महिलाओं का डिजिटल एंगेजमेंट लगभग हर प्रमुख कैटेगरी में पुरुषों से ज्यादा पाया गया.

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ऑनलाइन शॉपिंग में महिलाओं का दबदबा

सबसे दिलचस्प आंकड़ा ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स को लेकर सामने आया. बड़े शहरों में 25-34 साल की महिलाएं हर दिन औसतन 35.2 मिनट ऑनलाइन शॉपिंग ऐप्स पर बिताती हैं, जबकि पुरुष केवल 24.8 मिनट का समय देते हैं. यानी महिलाएं इस क्षेत्र में पुरुषों की तुलना में 42% ज्यादा एक्टिव हैं. इससे यह संकेत मिलता है कि ऑनलाइन खरीदारी अब महिलाओं की डिजिटल लाइफस्टाइल का हिस्सा बन चुकी है.

OTT और एंटरटेनमेंट ऐप्स पर सबसे ज्यादा समय

एंटरटेनमेंट ऐप्स पर भी महिलाओं का दबदबा दिखाई दिया. रिपोर्ट के अनुसार, शहरी महिलाएं OTT और एंटरटेनमेंट ऐप्स पर रोजाना औसतन 82.4 मिनट बिताती हैं. खासकर 25-34 आयु वर्ग की महिलाएं सबसे ज्यादा सक्रिय हैं, जो हर दिन लगभग 86.3 मिनट इन प्लेटफॉर्म्स पर बिताती हैं. यह दर्शाता है कि डिजिटल मनोरंजन महिलाओं के लिए केवल टाइमपास नहीं, बल्कि उनकी डेली लाइफ का हिस्सा बन चुका है.

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चैटिंग और मैसेजिंग ऐप्स का बढ़ता क्रेज

मैसेजिंग ऐप्स में भी महिलाओं की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है. परिवार, दोस्तों और ऑफिस से जुड़े रहने के लिए महिलाएं दिनभर चैटिंग और वीडियो कॉलिंग प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल कर रही हैं. यही वजह है कि डिजिटल कंपनियां अब महिला यूजर्स को ध्यान में रखकर नए फीचर्स और सर्विसेज तैयार कर रही हैं.

AI ऐप्स की दुनिया में भी तेजी से बढ़ रहे यूजर्स

रिपोर्ट में AI ऐप्स की तेजी से बढ़ती लोकप्रियता का भी जिक्र किया गया है. अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच AI एप्लिकेशन्स के इस्तेमाल में 100% से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज हुई. यूजर्स हर एक्टिव डे AI ऐप्स पर औसतन 11.3 मिनट बिताने लगे हैं. फिलहाल AI टूल्स का सबसे ज्यादा इस्तेमाल 18-34 वर्ष के युवा और उच्च आय वाले शहरी परिवार कर रहे हैं.

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अब सर्च इंजन से पहले AI से पूछ रहे लोग

दिलचस्प बात यह है कि अब लोग किसी उत्पाद या ब्रांड की जानकारी लेने के लिए सीधे सर्च इंजन पर जाने के बजाय AI टूल्स की मदद लेने लगे हैं. कन्वर्सेशनल AI अब ऑनलाइन शॉपिंग और ब्रांड सर्चिंग के तरीके को बदल रहा है. यानी आने वाले समय में AI लोगों के डिजिटल फैसलों का अहम हिस्सा बन सकता है.

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सोशल मीडिया पर युवाओं का सबसे ज्यादा कब्जा

रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि 18-24 आयु वर्ग सोशल मीडिया का सबसे बड़ा यूजर्स का ग्रुप बना हुआ है. यह वर्ग हर दिन औसतन 120 मिनट सोशल मीडिया पर बिताता है, जबकि कुल औसत 97.9 मिनट प्रतिदिन है. दूसरी ओर, 35 साल से ज्यादा उम्र के लोग मनोरंजन ऐप्स पर सबसे ज्यादा समय दे रहे हैं.

UPI पेमेंट अब बन चुका है रोजमर्रा की आदत

डिजिटल पेमेंट्स के मामले में भी भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है. रिपोर्ट के अनुसार, UPI बेस्ड भुगतान अब हर आय वर्ग के लोगों की आदत बन चुका है. हाई, मीडियम और निम्न आय वर्ग के यूजर्स में पेमेंट ऐप्स के इस्तेमाल का पैटर्न लगभग समान पाया गया. इससे साफ है कि डिजिटल भुगतान अब भारत के रोजमर्रा के जीवन का सामान्य हिस्सा बन चुका है.

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बदल रहा है भारत का डिजिटल चेहरा

यह रिपोर्ट एक और बड़ा संकेत देती है. भारत का डिजिटल इकोसिस्टम अब तेजी से बदल रहा है और इसमें महिलाओं की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है.

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