बारिश के मौसम में छोटे बच्चों को इंफेक्शन होने का खतरा काफी बढ़ जाता है. दरअसल, बच्चों का इम्यून सिस्टम पूरी तरह विकसित नहीं हुआ होता, जिससे वे बीमारियों की चपेट में जल्दी आ जाते हैं. मानसून के दौरान बढ़ी हुई नमी, सीलन, वायरस और बैक्टीरिया के तेजी से फैलने के साथ-साथ मच्छरों की संख्या बढ़ने के कारण बच्चों में सर्दी-खांसी, पेट से जुड़े इंफेक्शन और मच्छरों से होने वाली बीमारियों का जोखिम ज्यादा हो जाता है. ऐसे में माता-पिता को बच्चों की देखभाल में खास सावधानी बरतने की जरूरत होती है. आज हम आपको कुछ ऐसी जरूरी और आसान टिप्स बताने जा रहे हैं जिन्हें अपनाकर बच्चों को मानसून में स्वस्थ रखा जा सकता है. इस बारे में सीके बिड़ला हॉस्पिटल (आर), में नियोनेटोलॉजी और पीडियाट्रिक्स की डायरेक्टर डॉक्टर पूनम सिदाना ने दी है.
साफ-सफाई का ध्यान
बच्चे को गोद में लेने या उसे दूध पिलाने से पहले हमेशा हाथ अच्छी तरह धोएं. उसके खिलौने, पैसिफायर और दूध पिलाने से जुड़ी चीजों को नियमित रूप से साफ करें. अगर बच्चा खाना खाना शुरू कर चुका है, तो उसे हमेशा ताजा बना हुआ खाना दें और पका हुआ खाना लंबे समय तक रखकर न खिलाएं, क्योंकि बारिश के मौसम में नमी और गर्माहट की वजह से उसमें बैक्टीरिया जल्दी पनप सकते हैं. अगर संभव हो, तो बच्चे को मां का दूध पिलाना जारी रखें, क्योंकि इसमें मौजूद एंटीबॉडीज उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाती हैं.
घर को साफ और सूखा रखें
घर को साफ, सूखा और हवादार रखना भी बहुत जरूरी है. सीलन और फफूंद बच्चों की सांस से जुड़ी परेशानियों को बढ़ा सकती हैं, इसलिए कमरों में हवा का आना-जाना बना रहे और नमी जमा न होने दें.

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मच्छरदानी का इस्तेमाल करें
बच्चों को मच्छरों से बचाने के लिए मच्छरदानी का इस्तेमाल करें और घर के आसपास कहीं भी पानी जमा न होने दें.
इन मामलों में लें डॉक्टर से सलाह
अगर बच्चे को लगातार बुखार रहे, वह ठीक से दूध या खाना न खा रहा हो, उसे सांस लेने में तकलीफ हो, वह जरूरत से ज्यादा सुस्त दिखाई दे या शरीर में पानी की कमी के लक्षण नजर आएं, तो बिना देरी किए डॉक्टर से सलाह लें. समय पर इलाज से गंभीर परेशानियों से बचा जा सकता है.
बच्चों को कैसे नहलाएं?
मधुकर रेनबो हॉस्पिटल, दिल्ली के जनरल पीडियाट्रिशियन डॉक्टर पवन कुमार बताते हैं कि बच्चे को रोज गुनगुने पानी से नहलाएं और उसकी गर्दन, बगल और जांघों के बीच की त्वचा को अच्छी तरह सुखाएं, ताकि फंगल इन्फेक्शन और डायपर रैश की समस्या न हो.
कैसे कपड़े पहनाएं?
डॉक्टर पवन ने बताया कि बच्चे को मुलायम और सूती कपड़े पहनाएं, ताकि उसे ज्यादा गर्मी न लगे, और अगर उसके कपड़े गीले या नम हो जाएं तो उन्हें तुरंत बदल दें.
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