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कार छोड़ी, घर बदला… 10 साल में 1 करोड़ जोड़ दिए! Noida शिफ्ट होकर बदली जिंदगी

राकेश के हर महीने 20,000 रुपये सिर्फ ऑफिस आने-जाने में खर्च हो रहे थे. राकेश ने बस एक फैसला लिया और 10 साल में 1 करोड़ जोड़ लिए. ना सैलरी बढ़ी, ना कोई बिजनेस… बस लाइफस्टाइल बदल दी...

कार छोड़ी, घर बदला… 10 साल में 1 करोड़ जोड़ दिए! Noida शिफ्ट होकर बदली जिंदगी
20,000 रुपये बचाकर 10 साल में 1 करोड़! नोएडा शिफ्ट होने की राकेश की कहानी

राकेश कुमार नोएडा में रहते हैं। वे एक नामी कंपनी में सम्मानित पद पर कार्यरत हैं। राकेश बताते हैं कि उनकी सैलरी छह अंकों में है। लेकिन दिल्ली से नोएडा आने-जाने में ही उनकी सैलरी का 20% हिस्सा खर्च हो जाता था। वे सोचकर परेशान रहते थे कि इसी 20% की बचत से आने वाले 10 साल में करोड़पति बन सकते हैं।

राकेश अक्सर थके और परेशान रहते थे। दफ्तर में नए आइडियाज और लगातार काम का दबाव, साथ ही घर-परिवार की जिम्मेदारियाँ। वे मानसिक और शारीरिक दोनों तरह से टूट रहे थे।

राकेश बताते हैं कि दफ्तर दूर होने की वजह से कई काम जो वे खुद कर सकते थे, उन्हें पैसे देकर दूसरों से कराने पड़ते थे। यानी घर से दफ्तर की यह दूरी उनके और बचत के बीच की खाई को लगातार बढ़ा रही थी।

आज से 10 साल पहले, यानी 2016 में, राकेश ने एक बड़ा कदम उठाया और दफ्तर से 5-10 किलोमीटर के दायरे में घर किराए पर लिया।

राकेश मूल रूप से दिल्ली के मुंडका के रहने वाले हैं। वहीं उनका परिवार और रिश्तेदार हैं। इसी मोह के चलते वे शिफ्ट नहीं कर पा रहे थे।

राकेश ने मुंडका वाला घर किराए पर दे दिया और नोएडा की एक ठीक-ठाक सोसायटी में घर रेंट पर लिया। इसमें भी उन्हें फायदा हुआ, क्योंकि दिल्ली वाले घर का किराया यहाँ के मुकाबले ज्यादा था। इससे उनकी बचत में कुछ अतिरिक्त पैसे जुड़ने लगे।

राकेश ने पैसे बचाने के ऐसे तरीके अपनाए कि 10 साल में उन्होंने 1 करोड़ रुपये जोड़ लिए।

सबसे बड़ा खर्च घर से दफ्तर आने-जाने का था। वे बताते हैं कि कार से आने में करीब 20 हजार रुपये हर महीने खर्च होते थे।

हर महीने कितना बचा?

राकेश ने 25 हजार रुपये महीने की SIP शुरू की और उसमें हर थोड़े समय में कुछ और पैसे एड किए। उस पर उन्हें लगभग 20% का रिटर्न मिला और 10 साल बाद वह करीब 93 लाख रुपये हो गई।

इसके अलावा कुक, लॉन्ड्री जैसे छोटे-मोटे खर्चों में भी बचत की। सिर्फ नोएडा शिफ्ट होने और ऑफिस ट्रैवल घटाने से राकेश ने अपनी दूसरी सेविंग के अलावा 1 करोड़ रुपये बचा लिए।

अब सवाल उठता है कि नोएडा आने के बाद भी राकेश ऑफिस कैसे जाते थे? ट्रांसपोर्ट पर तो कुछ खर्च होता ही होगा। इसका जवाब भी राकेश ने दिया। वे फिटनेस को लेकर सजग हैं, इसलिए उन्होंने तय किया कि पैसे के साथ सेहत भी बनाएंगे।

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Photo Credit: Canva

फ्री में ऑफ‍िस पहुंचने के राकेश के ट्र‍िक 

राकेश ने दफ्तर तक पहुंचने का ट्रांसपोर्ट खर्च लगभग जीरो कर दिया। आप भी ऐसे बचा सकते हैं पैसे. यहां हैं राकेश के वो टिप्स जो उन्होंने ज्यादा पैसे बचाने के लिए अपनाए:

  1. घर दफ्तर के 5-10 किलोमीटर के दायरे में रखें। इससे ट्रांसपोर्ट का खर्च सबसे कम हो जाता है।
  2. दफ्तर के लिए ई-स्कूटर लें। 5-10 किलोमीटर के लिए इसकी लागत 2 रुपये से भी कम आती है।
  3. शाम 5 बजे तक फ्री हो जाएं तो वॉक करते हुए आएं। रास्ते में घर का सामान भी ले सकते हैं। इससे ब्लिंकिट के एक्स्ट्रा चार्ज बचेंगे और चीजों के असली रेट भी पता चलेंगे।
  4. राकेश कहते हैं कि फिटनेस फ्रीक होने के नाते वॉक और साइक्लिंग उनके दो फेवरेट ऑप्शन थे।

हालांकि, उन्होंने ई-स्कूटर भी लिया। क्योंकि हमेशा सिर्फ वॉक या साइक्लिंग पर निर्भर नहीं रहा जा सकता। कई बार अर्जेंट काम के लिए जल्दी दफ्तर पहुंचना होता है, तब वे ई-स्कूटर इस्तेमाल करते थे।

अंत में राकेश ने कहा, नोएडा शिफ्ट होने से क्या बदला?:  

और भाई, मैं अमीर हो गया। मेरे गोल पूरे हो चुके हैं, जब चाहे रिटायर हो जाऊं। नौकरी की जरूरत मुझे नहीं, मेरी जरूरत नौकरी को है, इसलिए कर रहा हूं...

राकेश को क्या फायदे हुए:

1. वजन कम हुआ: साइक्लिंग और वॉक से राकेश ने एक महीने में 10 किलो वजन घटाया। पहले घर से निकलने की भागदौड़ और कार से दफ्तर पहुंचकर पूरे दिन बैठे रहने से वे ओवरवेट हो गए थे।

2. हार्ट हेल्थ बेहतर हुई: राकेश ने यह रूटीन 28 की उम्र में शुरू किया था। आज वे 38 के हैं। उनके परिवार में हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट की हिस्ट्री है। 33 की उम्र में चेकअप पर डॉक्टर ने चेतावनी दी थी कि सावधानी नहीं बरती तो 35-40 की उम्र तक समस्या हो सकती है। वॉक और साइक्लिंग से ओवरऑल सेहत सुधरी, तनाव कम हुआ और भविष्य सुरक्षित करने का मानसिक सुकून मिला। इससे उनकी हार्ट हेल्थ में सुधार हुआ।

3. पैरों की ताकत बढ़ी: पहले बिल्कुल वॉक न करने से राकेश को पैरों की मसल्स और घुटनों में दर्द रहता था। वॉक और साइक्लिंग से उनके पैर मजबूत हुए।

मैं पैसे नहीं बचा रहा था, मैं अपनी जिंदगी वापस खरीद रहा था. अब मैं 40 की उम्र में र‍िटायर हो सकता हूं... - राकेश

आपके मन में उठ सकती हैं ये शंकाएं- 

Q1. क्या ऑफिस के पास घर लेने से पैसे बच सकते हैं?
हाँ, ट्रांसपोर्ट और समय दोनों की बचत होती है, जिससे कुल खर्च कम होता है।

Q2. SIP से 10 साल में 1 करोड़ कैसे बन सकते हैं?
नियमित निवेश और अच्छे रिटर्न (15-20%) से लंबी अवधि में बड़ा फंड बन सकता है।

Q3. रोजाना travel कम करने से क्या फायदे होते हैं?
पैसे की बचत के साथ-साथ तनाव कम होता है और स्वास्थ्य बेहतर होता है।

Q4. क्या वॉक और साइकिलिंग से खर्च जीरो हो सकता है?
हाँ, अगर दूरी कम है तो ट्रांसपोर्ट खर्च लगभग खत्म किया जा सकता है।

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अनिता शर्मा
Associate Editor
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