
नई दिल्ली:
बाल झड़ना आज के दौर की सबसे आम परेशानी है. इसे बाल झड़ने को डॉक्टरी भाषा में एलोपेशीया कहा जाता है. आमतौर पर यह स्थायी होती है. एलोपेशीया का दूसरा प्रकार जिसे एलोपेशीया एरेटा कहा जाता है अस्थायी होता है. इस समस्या से पीडि़त लोगों के सिर और अन्य अंगों से बाल झड़ने लगते हैं. कोई बीमारी या बालों की सही ढंग से केयर न करने का परिणाम भी बाल झड़ने के रूप में सामने आता है. अगर आपको लगता है कि आपके बाल तेजी से गिरते जा रहे हैं तो फौरन डर्मटॉलजिस्ट से सम्पर्क करें. आइए जानते हैं हेयर फॉल के कारणों के बारे में.
गलत हेयर कॉस्मेटिक या बालों की अनुचित देखभाल
कई लोग अपने बालों पर ब्लीच, स्ट्रेटनर, डाई जैसे कैमिकल ट्रीटमेंट अपनाते हैं. इस तरह के ट्रीटमेंट को अगर सही तरीके से अप्लाई किया जाए तो इनसें बालों को कोई नुकसान नहीं होता. हालांकि, इनसे आपके बाल कमजोर हो सकते हैं. अगर 2 प्रक्रियाएं एक ही दिन में करवाते हैं तो भी बाल झड़ सकते हैं. पुराने ब्लीच किए हुए बालों पर दोबारा ब्लीच करने से भी बाल गिरने लगते हैं. 
बीमारी
कुछ बीमारियां जैसे डायबिटीज, ल्यूपस और थायराइड भी बाल गिरने का कारण हो सकते हैं. ओवर-एक्टिव और अंडर एक्टिव दोनों थायराइड में बाल गिरने लगते हैं. 
खराब पोषण
आहार में अपर्याप्त प्रोटीन या आयरन होने से भी आपको बालों के झड़ने की समस्या का सामना करना पड़ सकता है. आहार या असामान्य खाने की आदतों में अपर्याप्त प्रोटीन से प्रोटीन कुपोषण हो सकता है। 
गर्भावस्था
गर्भावस्था के दौरान होने वाला शारीरिक तनाव भी बालों के झड़ने का एक कारण हो सकता है. हेयर फॉल की समस्या अकसर महिलाओं में डिलीवरी के बाद ज्यादा पाई जाती है. 
विटामिन ए की अधिक मात्रा
विटामिन ए युक्त दवाएं अधिक लेना भी बाल झड़ने का कारण हो सकता है. एक किशोर को प्रति दिन 5,000 इंटरनेशनल यूनिट विटामिन ए चाहिए होता है. वहीं 4 साल से बड़े बच्चों को 2500 से 10,000 इंटरनेशनल यूनिट विटामिन ए की जरूरत होती है. 
एनीमिया
शरीर में आयरन की कमी के चलते भी बाल गिरने लगते हैं. एनीमिया की जांच के लिए बल्ड टेस्ट कराना होता है. 
हाइपोथायरायडिज्म
अगर आप हाइपोथायरायडिज्म से पीडि़त हैं तो भी आपको बाल गिरने जैसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है. इस समस्या से बचने के लिए हाइपोथायरायडिज्म को कंट्रोल में करने वाली दवाएं नियमित रूप से लेते रहें.
गलत हेयर कॉस्मेटिक या बालों की अनुचित देखभाल
कई लोग अपने बालों पर ब्लीच, स्ट्रेटनर, डाई जैसे कैमिकल ट्रीटमेंट अपनाते हैं. इस तरह के ट्रीटमेंट को अगर सही तरीके से अप्लाई किया जाए तो इनसें बालों को कोई नुकसान नहीं होता. हालांकि, इनसे आपके बाल कमजोर हो सकते हैं. अगर 2 प्रक्रियाएं एक ही दिन में करवाते हैं तो भी बाल झड़ सकते हैं. पुराने ब्लीच किए हुए बालों पर दोबारा ब्लीच करने से भी बाल गिरने लगते हैं.

बीमारी
कुछ बीमारियां जैसे डायबिटीज, ल्यूपस और थायराइड भी बाल गिरने का कारण हो सकते हैं. ओवर-एक्टिव और अंडर एक्टिव दोनों थायराइड में बाल गिरने लगते हैं.

खराब पोषण
आहार में अपर्याप्त प्रोटीन या आयरन होने से भी आपको बालों के झड़ने की समस्या का सामना करना पड़ सकता है. आहार या असामान्य खाने की आदतों में अपर्याप्त प्रोटीन से प्रोटीन कुपोषण हो सकता है।

गर्भावस्था
गर्भावस्था के दौरान होने वाला शारीरिक तनाव भी बालों के झड़ने का एक कारण हो सकता है. हेयर फॉल की समस्या अकसर महिलाओं में डिलीवरी के बाद ज्यादा पाई जाती है.

विटामिन ए की अधिक मात्रा
विटामिन ए युक्त दवाएं अधिक लेना भी बाल झड़ने का कारण हो सकता है. एक किशोर को प्रति दिन 5,000 इंटरनेशनल यूनिट विटामिन ए चाहिए होता है. वहीं 4 साल से बड़े बच्चों को 2500 से 10,000 इंटरनेशनल यूनिट विटामिन ए की जरूरत होती है.

एनीमिया
शरीर में आयरन की कमी के चलते भी बाल गिरने लगते हैं. एनीमिया की जांच के लिए बल्ड टेस्ट कराना होता है.

हाइपोथायरायडिज्म
अगर आप हाइपोथायरायडिज्म से पीडि़त हैं तो भी आपको बाल गिरने जैसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है. इस समस्या से बचने के लिए हाइपोथायरायडिज्म को कंट्रोल में करने वाली दवाएं नियमित रूप से लेते रहें.

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