विज्ञापन

Radhikaraje Gaikwad Royal Look: सबसे सुंदर रानी की 400 साल पुरानी धरोहर वाली साड़ी, मुगल महारानी नूरजहां से जुड़ा है इतिहास

Radhikaraje Gaikwad Royal Look: बड़ौदा की महारानी राधिकाराजे गायकवाड़ एक बार फिर अपने शाही अंदाज को लेकर चर्चा में हैं. इस बार उनकी चिकनकारी साड़ी ने लोगों का दिल जीत लिया है.

Radhikaraje Gaikwad Royal Look: सबसे सुंदर रानी की 400 साल पुरानी धरोहर वाली साड़ी, मुगल महारानी नूरजहां से जुड़ा है इतिहास
Radhikaraje Gaikwad Royal Look
Instagram/taruntahiliani

Radhikaraje Gaikwad Royal Look: बड़ौदा की महारानी राधिकाराजे गायकवाड़ एक बार फिर अपने शाही (Royal) अंदाज को लेकर चर्चा में हैं. इस बार उनकी चिकनकारी साड़ी (Chikankari Saree) ने लोगों का दिल जीत लिया है. यह साड़ी सिर्फ एक खूबसूरत आउटफिट (Outfit) नहीं, बल्कि करीब 400 साल पुरानी विरासत की झलक भी दिखाती है. कहा जाता है कि इस तरह की कढ़ाई का रिश्ता मुगल काल से जुड़ा है और इसे खास पहचान दिलाने में नूरजहां का बड़ा योगदान रहा है. यही वजह है कि इस साड़ी में इतिहास और रॉयल्टी दोनों साथ नजर आते हैं.

डिजाइनर साड़ी में दिखी रॉयल एलिगेंस

महारानी की इस खास साड़ी को मशहूर डिजाइनर तरुण तहिलियानी ने डिजाइन किया है. साड़ी का बेस आइवरी रखा गया है, जिसमें पिंक, ब्लू और येलो जैसे सॉफ्ट पेस्टल रंगों का इस्तेमाल किया गया है. इस पर चिकनकारी के साथ मुकैश और जरी का काम किया गया है. हल्की क्रिस्टल डिटेलिंग साड़ी को और खास बनाती है. बॉर्डर को थोड़ा चौड़ा रखा गया है और पल्लू पर भारी कढ़ाई की गई है, जिससे पूरा लुक शाही नजर आता है.

Latest and Breaking News on NDTV

क्या है चिकनकारी कढ़ाई की खासियत?

चिकनकारी कढ़ाई लखनऊ की पारंपरिक कला मानी जाती है. यह हाथ से की जाने वाली बारीक कढ़ाई होती है, जिसमें कपड़े पर धागों से नाजुक डिजाइन बनाए जाते हैं. पहले यह सफेद मलमल के कपड़ों पर की जाती थी, लेकिन अब इसे अलग-अलग फैब्रिक और रंगों में भी तैयार किया जाता है. इस कढ़ाई में कई तरह के टांकों का इस्तेमाल होता है, जो इसे बेहद खास बनाते हैं.

नूरजहां से जुड़ा 400 साल पुराना इतिहास

चिकनकारी का इतिहास करीब 400 से 500 साल पुराना माना जाता है. इसे भारत में लोकप्रिय बनाने का श्रेय नूर जहां को दिया जाता है, जो जहांगीर की पत्नी थीं. कहा जाता है कि उन्हें यह कढ़ाई बहुत पसंद थी और उन्होंने इसे बढ़ावा दिया. मुगल दौर में यह कला शाही परिवारों तक सीमित थी, लेकिन धीरे-धीरे आम लोगों तक भी पहुंच गई.

यह भी पढ़ें- पसीने की बदबू हो जाएगी गायब! घर पर बनाएं मोगरे के फूलों का इत्र, नहीं पड़ेगी महंगे परफ्यूम की जरूरत

ज्वेलरी और मेकअप ने बढ़ाया चार्म

महारानी ने अपने इस लुक को डायमंड ज्वेलरी के साथ पूरा किया. गले में नेकलेस, कानों में ईयररिंग्स और हाथों में ब्रेसलेट ने उनके लुक में चमक जोड़ दी. वहीं सॉफ्ट कर्ल्स हेयर और रेड लिप्स ने पूरे लुक को एलिगेंट फिनिश दिया.

यह साड़ी सिर्फ फैशन नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध विरासत और शाही परंपरा की एक खूबसूरत झलक है. 

Watch Video: क्या वाकई फिटकरी लगाने से झाइयां ठीक हो जाती हैं?

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com