Study Abroad Scholarships: विदेश में पढ़ाई करना लाखों छात्रों का सपना होता है, लेकिन ज्यादा ट्यूशन फीस और रहने का खर्च अक्सर इस सपने को तोड़ देता है. अच्छी खबर यह है कि दुनिया के कई देश ऐसे हैं, जहां इंटरनेशनल स्टूडेंट्स को 100% फुली फंडेड स्कॉलरशिप मिलती है. इन स्कॉलरशिप्स में सिर्फ ट्यूशन फीस ही नहीं, बल्कि रहने का खर्च, ट्रैवल, हेल्थ इंश्योरेंस और हर महीने का स्टाइपेंड भी शामिल होता है. अगर आप भी सोच रहे हैं कि किस देश में सबसे ज्यादा स्कॉलरशिप मिलती है, तो यहां जानिए.
जर्मनी
जर्मनी को स्कॉलरशिप और फ्री एजुकेशन का हब माना जाता है. यहां के ज्यादातर पब्लिक यूनिवर्सिटीज इंटरनेशनल स्टूडेंट्स से ट्यूशन फीस नहीं लेतीं. छात्रों को सिर्फ एक छोटा सा सेमेस्टर या एडमिनिस्ट्रेशन फीस देना होता है. रिसर्च, इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के लिए जर्मनी दुनिया में टॉप पर है. DAAD, फ्रेडरिक एबर्ट फाउंडेशन और कोनराड एडेनॉयर स्टिफ्टंग जैसी स्कॉलरशिप्स ट्यूशन के साथ-साथ मंथली स्टाइपेंड, रहने का खर्च और हेल्थ इंश्योरेंस भी कवर करती हैं. यही वजह है कि जर्मनी को सबसे ज्यादा स्कॉलरशिप देने वाले देशों में गिना जाता है.
नॉर्वे
नॉर्वे उन चुनिंदा देशों में से है, जहां नेशनलिटी से कोई फर्क नहीं पड़ता. पब्लिक यूनिवर्सिटीज में ट्यूशन फीस नहीं ली जाती. स्टूडेंट्स को सिर्फ एक मामूली सेमेस्टर फीस देनी होती है. यहां का एजुकेशन सिस्टम, रिसर्च फैसिलिटीज और इंग्लिश-टॉट प्रोग्राम्स इंटरनेशनल स्टूडेंट्स को खूब आकर्षित करते हैं. नॉर्वेजियन कोटा स्कीम, बीआई प्रेशिडेंशियल स्कॉलरशिप और ओस्लो यूनिवर्सिटी स्कॉलरशिप्स जैसी स्कीमें पढ़ाई को और भी आसान बना देती हैं।
स्वीडन
स्वीडन अपनी इनोवेशन, सस्टेनेबिलिटी और हाई-क्वालिटी रिसर्च के लिए जाना जाता है. यहां सरकार और यूनिवर्सिटी लेवल पर कई फुल और पार्टियल स्कॉलरशिप्स मिलती हैं. स्वीडिश इंस्टीट्यूट स्कॉलरशिप (SISGP) जैसी स्कॉलरशिप्स पूरी ट्यूशन फीस के साथ लिविंग अलाउंस भी देती हैं. जो छात्र पढ़ाई के साथ ग्लोबल जॉब मार्केट में मजबूत एंट्री चाहते हैं, उनके लिए स्वीडन एक शानदार ऑप्शन है.
फिनलैंड
फिनलैंड नॉन-ईयू स्टूडेंट्स को बैचलर और मास्टर दोनों लेवल पर 100% ट्यूशन स्कॉलरशिप देता है. यहां की यूनिवर्सिटीज अपनी मॉडर्न टीचिंग स्टाइल, टेक्नोलॉजी और डिजाइन प्रोग्राम्स के लिए फेमस हैं. फिनलैंड गवर्नमेंट स्कॉलरशिप और यूनिवर्सिटी ऑफ हेलसिंकी स्कॉलरशिप्स जैसी स्कीमें पढ़ाई के खर्च को काफी हद तक कम कर देती हैं, जिससे विदेश में पढ़ाई का सपना हकीकत बन जाता है.














