ईरान ने भारत से अपने जहाज आईरिस लावन के लिए तकनीकी खराबी के कारण मदद मांगी थी. भारत ने ईरान के आपातकालीन अनुरोध को मानवीय और तकनीकी आधार पर स्वीकार किया था. 28 फरवरी को भारत को ईरान की ओर से जहाज की मरम्मत के लिए कोच्चि में डॉकिंग की मांग मिली थी.