Agniveer reservation: केंद्र सरकार ने साल 2022 में अग्निपथ योजना की घोषणा की थी. अग्निपथ योजना के जरिए सशस्त्र बलों की तीन सेवाओं- थल सेना, जल सेना और वायु सेना में जवानों की भर्ती की जाती है. ये भर्ती 4 साल की अवधि के लिए होती है, जिसमें 6 महीने की ट्रेनिंग शामिल होती है. इस योजना के जरिए जिन जवानों की भर्ती की जाती है, उन्हें ‘अग्निवीर' कहा जाता है. सेवा के चार साल पूरा करने के बाद बैच के 25% अग्निवीरों को उनकी योग्यता के आधार पर सेना में स्थायी कैडर के रूप में शामिल कर लिया जाता है और अगले 15 वर्षों के लिए रखा जाता है. दूसरी और बाकी 75% को सेवामुक्त कर दिया जाता है. सेना में 4 साल की सेवा देने के बाद कार्यमुक्त किए गए 75% अग्निवीरों की मदद के लिए सरकार ने कई सारी सरकारी नौकरियों में अग्निवीरों के लिए आरक्षण लागू किया है.

- केंद्र ने सरकार ने तीनों सेनाओं में आयु वर्ग को कम करने के उद्देश्य से अग्निपथ भर्ती योजना शुरू की थी.
- इस योजना के तहत, 17.5 से 25 वर्ष साल के युवाओं को सेना, वायु सेना और नौसेना में अग्निवीर के रूप में चार साल की अवधि के लिए भर्ती किया जाता है.
- 25 प्रतिशत को 15 और वर्षों के लिए बनाए रखने का प्रावधान है भी इस योजना है.
- जबकि बाकी 75 प्रतिशत को सेवा मुक्त कर दिया जाता है.
कई राज्य सरकार दे रही हैं आरक्षण
पूर्व अग्निवीरों को हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश जैसे कई राज्यों में सरकारी नौकरियों में आरक्षण दिया जाता है. पूर्व अग्निवीरों को आरक्षण देने की सूची में शामिल हरियाणा सरकार ने कुछ विशेष पदों पर इस आरक्षण को बढ़ाकर अब 20% कर दिया है. आइए विस्तार से जानते हैं कि किन राज्यों में सरकारी नौकरियों में कितना आरक्षण पूर्व अग्निवीरों को दिया जाता है.
हरियाणा
हरियाणा मंत्रिमंडल ने हाल ही में राज्य सरकार की सेवाओं या पदों में पूर्व अग्निवीरों के लिए मौजूदा आरक्षण बढ़ा दिया है. राज्य मंत्रिमंडल ने अग्निवीर नीति को मंजूरी देते हुए हरियाणा सरकार के अंतर्गत सेवाओं/पदों में पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षण 10 प्रतिशत की जगह 20 प्रतिशत किया है. जिनमें विशेष रूप से वन रक्षक (पर्यावरण, वन और वन्य जीव विभाग), वार्डर (जेल विभाग) और माइनिंग गार्ड (खनन और भूविज्ञान विभाग) शामिल हैं.
दिल्ली
दिल्ली पुलिस में भी पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षण रखा गया है. दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल के 20 प्रतिशत पद पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित हैं. साथ ही उन्हें शारीरिक दक्षता परीक्षा से छूट भी दी गई है. इतना ही नहीं पूर्व अग्निवीरों को कांस्टेबल (कार्यकारी) पद पर भर्ती के लिए निर्धारित अधिकतम उम्र सीमा में तीन वर्ष की छूट है और यह वर्तमान में 18-25 वर्ष है. इसके अतिरिक्त, अग्निवीर योजना के पहले बैच के अभ्यर्थियों को 5 वर्ष की अतिरिक्त छूट दी गई है.
उत्तराखंड
अग्निवीरों के भविष्य की सुरक्षा करने के लिए उत्तराखंड सरकार ने भी आरक्षण की व्यवस्था की है. राज्य सरकार ने वर्दीधारी पदों में 10 प्रतिशत हॉरिजॉन्टल (horizontal) आरक्षण लागू किया है.
उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश में भी पूर्व अग्निवीरों के लिए 20% हॉरिजॉन्टल आरक्षण रखा गया है. UP पुलिस (सिविल पुलिस), होम गार्ड्स, अग्निशमन सेवाएं और
जेल वार्डर भर्ती में ये आरक्षण रखा गया है. सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए ऊपरी आयु सीमा में 3 वर्ष की छूट और अग्निवीरों के पहले बैच के लिए 5 वर्ष की छूट रखी गई है.
सिक्किम
सिक्किम राज्य में भी पुलिस भर्ती के लिए 20% आरक्षण की घोषणा की है. इसके अलावा मध्य प्रदेश ,गुजरात, ओडिशा, छत्तीसगढ़, और अरुणाचल प्रदेश जैसे राज्यों ने भी पुलिस और अन्य सरकारी सेवाओं में अग्निवीरों के लिए आरक्षण का ऐलान किया है.
केंद्र सरकार भी देती है आरक्षण
केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) और सीमा सुरक्षा बल (BSF) में पूर्व-अग्निवीरों के लिए Group C के पदों में 50% का आरक्षण दिया गया है. साथ ही Physical Efficiency Test (PET) से छूट भी प्रदान की है. रेलवे में Level-1 के पदों में 10% क आरक्षण और Level-2 तथा उससे ऊपर के पदों में 5% आरक्षण रखा गया है. वहीं Coast Guard और Defence PSUs में पूर्व-अग्निवीरों के लिए सीधी भर्ती में 10% हॉरिजॉन्टल आरक्षण रखा गया है.
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