IPS Training Academy: अफसर बनने का सपना लिए हर साल लाखों कैंडिडेट्स UPSC एग्जाम में शामिल होते हैं. रिजल्ट आने के बाद कुछ IAS-IPS, तो कुछ अन्य विभागों में अधिकारी बनते हैं. IAS-IPS दोनों की परीक्षा एक ही होती है, फॉर्म भी एक ही भरा जाता है, फिर भी ट्रेनिंग अलग-अलग जगह पर होती है. आईएएस बनने वाले अधिकारियों की ट्रेनिंग LBSNAA में होती है, लेकिन आईपीएस अफसर कहां जाकर तैयार होते हैं, उनकी ट्रेनिंग कहां होती है, ये बहुत कम लोग जानते हैं. आइए जानते हैं ट्रेनिंग के लिए आईपीएस अफसर कहां जाते हैं.
पहले सबकी ट्रेनिंग एक साथ शुरू होती है
जब भी कोई कैंडिडेट UPSC पास करता है, चाहे वो IAS बने, IPS बने या IFS, सबकी ट्रेनिंग की शुरुआत एक ही जगह से होती है. सभी मसूरी के लाल बहादुर शास्त्री नेशनल एकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन (LBSNAA) जाते हैं. यहां कुछ महीनों का फाउंडेशन कोर्स होता है, जिसमें सभी सर्विसेज के अफसर साथ रहते हैं, साथ पढ़ते हैं. इसका मकसद हर अफसर को देश की व्यवस्था, कानून और प्रशासन की बेसिक समझ दिलाना होता है.
फाउंडेशन कोर्स के बाद अलग होती है ट्रेनिंग
फाउंडेशन कोर्स पूरा होते ही हर अफसर अपनी-अपनी सर्विस के हिसाब से अलग एकेडमी में भेजा जाता है. IAS अफसर LBSNAA में ही रुक जाते हैं और वहीं आगे की पूरी ट्रेनिंग लेते हैं, लेकिन IPS बनने वाले कैंडिडेट को हैदराबाद भेजा जाता है.
हैदराबाद में कहां होती है IPS अफसरों की ट्रेनिंग
IPS अफसरों की स्पेशल ट्रेनिंग सरदार वल्लभभाई पटेल नेशनल पुलिस एकेडमी (SVPNPA) में होती है. यहीं देश के हर आईपीएस अफसर की असली ट्रेनिंग शुरू होती है. यहां की ट्रेनिंग LBSNAA से काफी अलग होती है. यहां क्लासरूम से ज्यादा फील्ड पर जोर दिया जाता है. कैंडिडेट को घुड़सवारी सिखाई जाती है, हथियार चलाना सिखाया जाता है, फिजिकल फिटनेस पर काफी मेहनत कराई जाती है. इसके साथ-साथ क्रिमिनल लॉ, जांच का तरीका, फोरेंसिक साइंस और मॉडर्न पुलिसिंग जैसी चीजें भी पढ़ाई जाती हैं.
दोनों ट्रेनिंग में क्या फर्क है
IAS अफसर का काम मुख्य काम प्रशासन चलाना, पॉलिसी बनाना और सरकारी योजनाओं को जमीन पर उतारना होता है, इसलिए उनकी ट्रेनिंग में गवर्नेंस, इकोनॉमिक्स और मैनेजमेंट पर ज्यादा फोकस रहता है. वहीं IPS अफसर का काम कानून-व्यवस्था संभालना और अपराध रोकना होता है, इसलिए उनकी ट्रेनिंग फिजिकल और टैक्टिकल दोनों तरह की होती है. यही वजह है कि एक जैसी परीक्षा पास करने के बावजूद दोनों अफसरों को बिल्कुल अलग माहौल में तैयार किया जाता है.
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