Minimum Wages In India: केंद्र सरकार समय-समय पर श्रमिकों, विशेषकर असंगठित क्षेत्र के कामगारों को सहायता देने के लिए महंगाई भत्ते को संशोधित करके न्यूनतम मजदूरी दरों में बढ़ोतरी की घोषणा करती रहती है. इसका असर भवन निर्माण, माल लादने और उतारने, चौकीदार, सफाई कर्मचारी, घर की देख-भाल करने वाले काम, खनन, कृषि सहित विभिन्न क्षेत्रों में लगे श्रमिकों पर होता है.
कैसे तय की जाती है न्यूनतम मजदूरी
न्यूनतम मजदूरी दरों को कई कौशल स्तरों के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है. जैसे अकुशल, अर्ध-कुशल, कुशल एवं अत्यधिक कुशल कामगर. साथ ही इन्हें भौगोलिक क्षेत्र- ए, बी तथा सी के आधार पर भी बांटा जाता है.
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देखें पूरी लिस्ट-
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की वेबसाइट www.clc.gov.in पर ये दरें चेक की जा सकती हैं. आप इस लिंक पर जाकर अंग्रेजी व हिंदी में इन दरों को देख सकते हैं-
https://clc.gov.in/clc/sites/default/files/mygov_17751372721.pdf
हरियाणा में मजदूरों के न्यूनतम वेतन में इजाफा
हरियाणा के श्रम मंत्री अनिल विज ने बुधवार को कहा है कि राज्य सरकार ने अकुशल श्रमिकों के लिए न्यूनतम पारिश्रमिक 11,274.60 रुपये से बढ़ाकर 15,220 रुपये प्रति माह कर दिया है. विज ने कहा कि न्यूनतम पारिश्रमिक बढ़ाने का निर्णय यहां राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया और यह एक अप्रैल से प्रभावी होगा.
मंत्रिमंडल की बैठक मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई, जिन्होंने बाद में संवाददाताओं से कहा कि इस निर्णय से राज्य के लाखों अकुशल श्रमिकों को सीधा लाभ होगा और उनके जीवन स्तर में सुधार आएगा.
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