विज्ञापन

IIT में नहीं हुआ सिलेक्शन, 1-2 समोसों पर गुजारे दिन, फिर ऐसे बदल दी अपनी किस्मत

IIT में दो बार असफल होने और आर्थिक तंगी से जूझने के बावजूद एक युवक ने हार नहीं मानी. 20 हजार रुपये की नौकरी से शुरुआत कर उन्होंने खुद AI और मशीन लर्निंग सीखी और आज युवा वाइस प्रेसिडेंट्स में अपनी जगह बना ली.

IIT में नहीं हुआ सिलेक्शन, 1-2 समोसों पर गुजारे दिन, फिर ऐसे बदल दी अपनी किस्मत
AI और मशीन लर्निंग में मिली जानकारी ने उनके लिए नए मौके खोल दिए.

कई लोग सोचते हैं कि अगर IIT में एडमिशन नहीं मिला तो जिंदगी में आगे बढ़ना मुश्किल हो जाता है. लेकिन एक टेक प्रोफेशनल की कहानी इस सोच को गलत साबित करती है. IIT की परीक्षा में दो बार असफल होने के बाद वो पूरी तरह निराश हो गए थे. ऊपर से पैसों की तंगी ने हालात और मुश्किल बना दिए. पढ़ाई के दिनों में कई बार ऐसा हुआ जब उन्हें पूरे दिन सिर्फ 1-2 समोसों के सहारे रहना पड़ा. लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. लगातार मेहनत करते रहे, नई चीजें सीखते रहे और धीरे-धीरे अपने करियर को ऐसी ऊंचाई पर पहुंचा दिया कि आज वो अपनी फील्ड के सबसे यंग वाइस प्रेसिडेंट्स में गिने जाते हैं.

IIT में असफलता ने तोड़ दिया था मन

 एक्स पर @JainJec2013 नाम के यूजर ने अपनी कहानी शेयर करते हुए बताया कि IIT में दाखिला न मिलना उनके लिए बहुत बड़ा झटका था. छोटे शहर से आने की वजह से लोगों की बातें और तुलना उन्हें अंदर तक परेशान करती थीं. एक समय ऐसा भी आया जब उन्हें लगा कि अब उनके सपने पूरे नहीं हो पाएंगे.

पैसों की तंगी से भी लड़ी जंग

IIT में दाखिला न मिलने के बाद उन्होंने दूसरे शहर के एक सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ाई शुरू की. घर की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं थी, इसलिए उन्हें एजुकेशन लोन लेना पड़ा. पढ़ाई का खर्च निकालने के लिए वो बच्चों को मैथ्स पढ़ाने का काम भी करते थे. उन्होंने बताया कि कई दिन ऐसे भी आए जब पूरे दिन में सिर्फ 1-2 समोसे खाकर गुजारा करना पड़ता था. फिर भी उन्होंने पढ़ाई और मेहनत नहीं छोड़ी.

20 हजार रुपये की नौकरी से की शुरुआत

कॉलेज खत्म होने के बाद उन्हें एक आईटी कंपनी में नौकरी मिली. उनकी पहली सैलरी 20 हजार रुपये महीना थी. नौकरी मिलने से राहत जरूर मिली, लेकिन वो इससे आगे बढ़ना चाहते थे. नौकरी के बाद उन्होंने अपने खाली समय में AI और मशीन लर्निंग सीखना शुरू किया. उनके पास कोई मेंटर नहीं था और न ही महंगे कोर्स करने के पैसे. उन्होंने इंटरनेट की मदद से खुद सीखना शुरू किया. यही फैसला उनके करियर का टर्निंग पॉइंट बन गया.

आज हैं यंग वाइस प्रेसिडेंट

AI और मशीन लर्निंग में मिली जानकारी ने उनके लिए नए मौके खोल दिए. धीरे-धीरे वो बड़े पदों तक पहुंचे और आज दुबई में काम कर रहे हैं. उनकी कहानी बताती है कि जिंदगी में शुरुआत कैसी रही, इससे ज्यादा जरूरी है कि आप मुश्किल समय में हार मानते हैं या आगे बढ़ते रहते हैं.

यह भी पढ़ें- मकान मालिक ने निकाला, सीढ़ियों पर सोए, आज हैं दुनिया के सबसे युवा अरबपतियों में शुमार

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com