Anthropic AI Job: अगर आपको भी लगता है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में सिर्फ कंप्यूटर इंजीनियर और कोडिंग जानने वाले ही करोड़ों रुपए कमा सकते हैं, तो ये खबर आपकी सोच बदल देगी. दुनिया की बड़ी AI कंपनियों में से एक, एन्थ्रोपिक (Anthropic) ने एक ऐसी नौकरी निकाली है, जिसे सुनकर अच्छे-अच्छे सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स के पसीने छूट सकते हैं. इस नौकरी के लिए आपको एक लाइन भी कोड लिखने की जरूरत नहीं है और सैलरी पूरे 3.3 करोड़ रु. सालाना (400,000 डॉलर) तक मिलेंगे. आइए जानते हैं ये जॉब कहां के लिए निकली है और इसमें क्या काम करना होगा.
क्या है जॉब ऑफर और काम क्या करना होगा
एन्थ्रोपिक ने जिस पद के लिए वेकेंसी निकाली है, उसका पूरा फोकस पब्लिक एंगेजमेंट और इवेंट्स पर है. आसान भाषा में कहें तो कंपनी को एक ऐसा व्यक्ति चाहिए, जो लोगों से मिलने-जुलने और बातें करने में उस्ताद हो. उनका मुख्य काम बड़े-बड़े सम्मेलनों (Conferences) और खास मीटिंग्स का आयोजन करना होगा. उन्हें दुनियाभर के बड़े नेताओं, वैज्ञानिकों और आम जनता से रूबरू होना पड़ेगा. कंपनी चाहती है कि आप उनके AI प्रोडक्ट्स का लाइव डेमो दें और लोगों को समझाएं कि ये तकनीक कैसे काम करती है.
ऑफिस जाने की भी नहीं पड़ेगी जरूरत
इस नौकरी की सबसे बड़ी खासियत इसका ट्रैवल (Travel) वाला हिस्सा है. आपको साल का 30% से 40% समय सफर में बिताना होगा. कभी आप सैन फ्रांसिस्को में होंगे, तो कभी न्यूयॉर्क या दुनिया के किसी और कोने में जाना होगा. यह उन लोगों के लिए ड्रीम जॉब है, जिन्हें घूमना पसंद है और जो एक जगह बैठकर बोर हो जाते हैं.
एन्थ्रोपिक कितनी बड़ी कंपनी
इतनी भारी-भरकम सैलरी ऑफर करने वाली एन्थ्रोपिक में अमेज़न और गूगल जैसी दिग्गज कंपनियों ने हाल ही में अरबों डॉलर का निवेश किया है. रिपोर्ट्स की मानें तो सेकेंडरी मार्केट में इस कंपनी की वैल्यूएशन $1 ट्रिलियन करीब 83 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गई है, जो इसे OpenAI से भी बड़ी कंपनी बनाता है. कंपनी की एक हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, प्रोग्रामिंग के करीब 75% काम अब AI खुद ही कर रहा है. ऐसे में कोडिंग जानने वाले प्रोफेशनल्स पर खतरा बढ़ रहा है, जबकि पब्लिक डीलिंग और इवेंट मैनेजमेंट जैसे कामों पर AI का असर कम है. यही वजह है कि कंपनियां अब 'पीपल पर्सन' (लोगों से जुड़ने वाले व्यक्ति) पर पैसा लगा रही हैं.
कोडिंग नहीं घूमने-बोलने की स्किल की डिमांड
हैरानी की बात यह है कि जहां AI कोडिंग के काम को खुद संभालता जा रहा है, वहीं कंपनियों को अब ऐसे लोगों की कमी खल रही है, जो सामने खड़े होकर बात कर सकें. एक्सपर्ट्स का कहना है कि जैसे-जैसे डिजिटल काम आसान होता जाएगा, वैसे-वैसे आमने-सामने की बातचीत और ह्यूमन कनेक्शन की वैल्यू बढ़ती जाएगी. एन्थ्रोपिक की यह भारी-भरकम सैलरी इसी बात का सबूत है कि अब कोडिंग नहीं, बल्कि कम्युनिकेशन स्किल्स असली ताकत है.
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