Interview tips : अच्छी नौकरी पाने की जल्दबाजी में कुछ लोग अपनी स्किल्स, एक्सपीरिएंस या अचीवमेंट्स को बढ़ा-चढ़ाकर बताने लग जाते हैं. हालांकि, एक्सपीरिएंस्ड एचआर (HR) और रिक्रूटर अक्सर इन दावों को परखने के लिए अलग-अलग सवाल पूछते हैं जिसमें कई बार कैंडिडेट्स की सच्चाई सामने आ जाती है. ऐसे में आइए जानते हैं इंटरव्यू के दौरान किस बारे में लोग सबसे ज्यादा झूठ बोलते हैं और एचआर कैसे झूठ को पकड़ लेता है.
इंटरव्यू में बोले जाने वाले झूठ
- ज्यादा हाइक पाने के लिए पुरानी सैलरी को 20-30 फीसदी बढ़ाकर बताना.
- रिज्यूमे में ऐसे टूल्स (जैसे Python, एडवांस Excel, AI टूल्स) लिखना जिनका केवल बेसिक नॉलेज हो.
- पूरी टीम द्वारा मिलकर किए गए काम का क्रेडिट खुद लेना
- करियर गैप को 'फ्रीलांसिंग' या 'फैमिली बिजनेस' के नाम पर ढंकना.
- एक्स बॉस या कंपनी से विवाद को छिपाकर केवल करियर ग्रोथ का बहाना बनाना.
- जल्दी ऑफर पाने के लिए 90 दिन के नोटिस को 30 दिन बताना.
- "मैं काम को लेकर बहुत परफेक्शनिस्ट हूं" जैसे किताबी जवाब देना.
HR कैसे पकड़ लेते हैं झूठ?
पहला तरीका
अगर कैंडिडेट किसी स्किल या प्रोजेक्ट के बारे में दावा करता है, तो HR उससे उसी सब्जेक्ट पर गहराई से सवाल पूछते हैं. जवाब देने के तरीके से असल बात का पता आसानी से लग जाता है.
-
नो इंडियंस अलाउड से मेयर तक का सफर, NDTV समिट में रोहतक से लंदन गई मां-बेटे की जोड़ी ने बताई अपनी जर्नी -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके? -
NDTV World Summit 2026: हॉकी चैंपियन नेहा गोयल का बड़ा खुलासा! दर्द में भी जीत का जश्न -
Ashwini Vaishnaw के ऑफिस में कुर्सी के पीछे क्यों लगी है कील? NDTV World Summit में खोला राज -
NDTV World Summit : क्या AI छीन लेगा नौकरियां? माइक वॉल्श ने दिया चौंकाने वाला जवाब -
NDTV World Summit 2026: Asian Games में कैसे जीते 2 Gold Medal? Shooter Neeru Dhanda ने बताया -
AI न नौकरी खाएगा, न इंसानों की जगह लेगा... NDTV World Summit में माइक वॉल्श ने बता दिया AI का फ्यूचर -
महंगाई, GDP और AI पर RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा का बड़ा बयान, आम आदमी को कितनी राहत? -
रेलमंत्री वैष्णव ने बताया बुलेट ट्रेन में देरी की क्या रहीं वजहें, जापानी मंत्री के आरोपों का दिया जवाब -
AI पर भारत में आएगा कानून, NDTV World Summit में बोले अश्विनी वैष्णव- चंद हफ्तों में आएगा कंसल्टेशन पेपर
दूसरा तरीका
"आपने टीम को कैसे लीड किया?" या "सबसे बड़ी समस्या क्या आई थी?" जैसे सवालों से पता चल जाता है कि अनुभव असली है या केवल याद किया हुआ जवाब.
तीसरा तरीका
कई कंपनियां इंटरव्यू के बाद ऑनलाइन टेस्ट या प्रैक्टिकल असाइनमेंट कराती हैं. इससे उम्मीदवार की रियल कैपेबिलिटी सामने आ जाती है.
चौथा तरीका
अनुभव, पद और पिछली नौकरी से जुड़ी जानकारी को कई कंपनियां रेफरेंस चेक के जरिए वैरिफाई करते हैं.
यह भी पढ़ें- CGPA और Percentage में क्या अंतर है? नौकरी में किसकी ज्यादा अहमियत होती है?
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं