विज्ञापन

इंटरव्यू में सबसे ज्यादा बोले जाने वाले 7 झूठ और HR उन्हें कैसे पकड़ लेते हैं?

Resume and Interview Mistakes to Avoid : इंटरव्यू में खुद को बेहतर तरीके से पेश करना जरूरी है, लेकिन तथ्यों को बढ़ा-चढ़ाकर बताने से बचना चाहिए. यदि किसी स्किल में सीखने की प्रक्रिया चल रही है, तो उसे ईमानदारी से बताना ज्यादा प्रभावी माना जाता है.

इंटरव्यू में सबसे ज्यादा बोले जाने वाले 7 झूठ और HR उन्हें कैसे पकड़ लेते हैं?
कई कंपनियां इंटरव्यू के बाद ऑनलाइन टेस्ट या प्रैक्टिकल असाइनमेंट कराती हैं. इससे उम्मीदवार की वास्तविक क्षमता सामने आ जाती है.

Interview tips : अच्छी नौकरी पाने की जल्दबाजी में कुछ लोग अपनी स्किल्स, एक्सपीरिएंस या अचीवमेंट्स को बढ़ा-चढ़ाकर बताने लग जाते हैं. हालांकि, एक्सपीरिएंस्ड एचआर (HR) और रिक्रूटर अक्सर इन दावों को परखने के लिए अलग-अलग सवाल पूछते हैं जिसमें कई बार कैंडिडेट्स की सच्चाई सामने आ जाती है. ऐसे में आइए जानते हैं इंटरव्यू के दौरान किस बारे में लोग सबसे ज्यादा झूठ बोलते हैं और एचआर कैसे झूठ को पकड़ लेता है. 

इंटरव्यू में बोले जाने वाले झूठ

  1.  ज्यादा हाइक पाने के लिए पुरानी सैलरी को 20-30 फीसदी बढ़ाकर बताना.
  2.  रिज्यूमे में ऐसे टूल्स (जैसे Python, एडवांस Excel, AI टूल्स) लिखना जिनका केवल बेसिक नॉलेज हो.
  3. पूरी टीम द्वारा मिलकर किए गए काम का क्रेडिट खुद लेना
  4. करियर गैप को 'फ्रीलांसिंग' या 'फैमिली बिजनेस' के नाम पर ढंकना.
  5. एक्स बॉस या कंपनी से विवाद को छिपाकर केवल करियर ग्रोथ का बहाना बनाना.
  6. जल्दी ऑफर पाने के लिए 90 दिन के नोटिस को 30 दिन बताना.
  7. "मैं काम को लेकर बहुत परफेक्शनिस्ट हूं" जैसे किताबी जवाब देना.

HR कैसे पकड़ लेते हैं झूठ?

पहला तरीका

अगर कैंडिडेट किसी स्किल या प्रोजेक्ट के बारे में दावा करता है, तो HR उससे उसी सब्जेक्ट पर गहराई से सवाल पूछते हैं. जवाब देने के तरीके से असल बात का पता आसानी से लग जाता है.

दूसरा तरीका

"आपने टीम को कैसे लीड किया?" या "सबसे बड़ी समस्या क्या आई थी?" जैसे सवालों से पता चल जाता है कि अनुभव असली है या केवल याद किया हुआ जवाब.

तीसरा तरीका

 कई कंपनियां इंटरव्यू के बाद ऑनलाइन टेस्ट या प्रैक्टिकल असाइनमेंट कराती हैं. इससे उम्मीदवार की रियल कैपेबिलिटी सामने आ जाती है.

चौथा तरीका

अनुभव, पद और पिछली नौकरी से जुड़ी जानकारी को कई कंपनियां रेफरेंस चेक के जरिए वैरिफाई करते हैं.

यह भी पढ़ें- CGPA और Percentage में क्या अंतर है? नौकरी में किसकी ज्यादा अहमियत होती है?

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com