जम्मू कश्मीर: भारी बर्फबारी में फंसे टूरिस्टों के लिए चली स्पेशल ट्रेन, डोडा से 40 जवानों सहित 60 लोग निकाले गए

जम्मू-कश्मीर में तीन महीनों के बाद बर्फबारी हुई. बर्फबारी से पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोग काफी उत्साहित हैं. पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है. लेकिन अभी डोडा, बनिहाल सहित कई जगहों पर हुई भारी बर्फबारी के कारण कई लोग फंस गए हैं. जिन्हें निकालने का अभियान जारी है.

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जम्मू कश्मीर में बर्फ के ढंके ट्रैक के बीच से गुजरती ट्रेन.
श्रीनगर:

Jammu Kashmir Heavy Snowfall: जम्मू कश्मीर में हुई भारी बर्फबारी से कई जगहों पर बड़ी संख्या में टूरिस्ट फंस गए हैं. डोडा, बनिहाल सहित कई शहरों में बड़ी संख्या में लोग फंसे हैं. इस बीच वहां फंसे टूरिस्टों को वापस लाने के लिए स्पेशल ट्रेने चलाई जा रही है. सीमा सड़क संगठन की टीम भी लोगों को बाहर निकालने की कवायद में जुटी है. बनिहाल में भारी बर्फबारी के बीच फंसे पर्यटकों को बाहर निकालने के लिए स्पेशल ट्रेन चलाई गई है. जिसका वीडियो भी सामने आया है. वीडियो में बर्फबारी से ढके रेलवे ट्रैक से गुजरते हुए ट्रेने प्लेटफॉर्म पर पहुंचती नजर आ रही है. 

डोडा में राष्ट्रीय राइफल्स के 40 जवानों के सहित 60 लोगों को निकाला गया

दूसरी ओर जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में बर्फ से ढंके क्षेत्र में फंसे ‘राष्ट्रीय राइफल्स यूनिट' के 40 जवानों समेत 60 लोगों को सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने निकाल लिया. रक्षा विभाग के एक प्रवक्ता ने मंगलवार को यह जानकारी दी. प्रवक्ता ने एक बयान में बताया कि बीआरओ ने ‘प्रोजेक्ट संपर्क' के तहत 10,500 फुट की ऊंचाई पर स्थित चतरगला दर्रे पर बचाव एवं सड़क बहाली अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम दिया. यह दर्रा भद्रवाह-चतरगला मार्ग पर है. 

प्रवक्ता ने बताया कि 35 सीमा सड़क कार्य बल (बीआरटीएफ) की 118 सड़क निर्माण कंपनी (आरसीसी) ने भारी बर्फबारी के एक दिन बाद 24 जनवरी को अभियान शुरू किया और लगभग 38 किलोमीटर सड़क को साफ किया. जो पांच से छह फीट बर्फ से ढकी हुई थी. बर्फबारी लगभग 40 घंटे तक जारी रही.

प्रवक्ता ने बताया कि 25 जनवरी की शाम तक मार्ग खोल दिया गया, जिससे फंसे हुए 20 नागरिकों और ‘4 राष्ट्रीय राइफल्स' (आरआर) के 40 जवानों को हथियारों व सामान के साथ सुरक्षित निकाला जा सका. बयान में कहा गया कि बचाव अभियान 26 जनवरी की सुबह पूरा हो गया और इसमें कोई भी हताहत नहीं हुआ.

बयान के मुताबिक, यह अभियान सेना के साथ घनिष्ठ समन्वय में चलाया गया, जिससे त्वरित राहत सुनिश्चित हुई और क्षेत्र में महत्वपूर्ण संचार संपर्क बहाल किए गए. इस बीच, प्रवक्ता ने बताया कि बीआरओ ने राजौरी जिले के कंडी-कोत्रंका क्षेत्र में भी सड़कों पर वाहनों की आवाजाही बहाल कर दी है.

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