विश्व हृदय दिवस: मुंबई एयरपोर्ट की मेडिकल टीम ने यात्रियों को दी लाइफ सेविंग स्किल्स की ट्रेनिंग 

दुनिया भर में होने वाली हर चार में से एक मौत की वजह हृदय रोग है. भारत में बदलती जीवनशैली और लगातार बढ़ रहे तनाव के कारण युवा तक इस गंभीर खतरे के चपेट में हैं.

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मुंबई:

विश्व हृदय दिवस (World Heart Day) पर मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट (CSMIA) की मेडिकल टीम ने यात्रियों के लिए निःशुल्क ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफाइब्रिलेटर (एईडी) और कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) ट्रेनिंग सेशन का आयोजन किया. इस पहल के जरिए हृदय के स्वास्थ्य के बारे में जागरूक किया गया. साथ ही एयरपोर्ट कम्यूनिटी और पैसेंजर्स को जरूरी लाइफ सेविंग स्किल्स भी सिखाए गए. अधिक जागरुकता और तत्परता पैदा कर, सीएसएमआईए खुद की सुरक्षा और देखभाल के कल्चर को और मज़बूत बना रहा है.

कहा जाता है कि अगर जिंदगी है तो सब कुछ है और जिंदगी की डोर दिल की धड़कनों से जुड़ी होती है, लेकिन यही दिल आज सबसे अधिक खतरे में है. हर साल 29 सितंबर को मनाया जाने वाला विश्व हृदय दिवस हमें यह याद दिलाता है कि दिल की देखभाल करना सिर्फ डॉक्टरों या दवाओं का काम नहीं है, बल्कि हमारी जीवनशैली, आदतों और सोच का भी बड़ा योगदान है. भारत में हृदय रोग तेजी से फैल रहे हैं. यह एक मूक महामारी है, जो तेजी से युवाओं को भी जकड़ रही है. ऐसे में यह दिन जीवन बचाने के लिए सामूहिक अपील है.

दुनिया भर में होने वाली हर चार में से एक मौत की वजह हृदय रोग है. भारत में बदलती जीवनशैली और लगातार बढ़ रहे तनाव के कारण युवा तक इस गंभीर खतरे के चपेट में हैं. विश्व हृदय महासंघ के अनुसार, हृदय रोगों का 75 प्रतिशत बोझ निम्न और मध्यम आय वाले देशों पर है, जिनमें भारत भी शामिल है. यह दिन हमें चेतावनी देता है कि अगर अब नहीं चेते, तो कल बहुत देर हो सकती है.

वायु प्रदूषण से होने वाली लगभग 25 प्रतिशत हृदय संबंधी मौत इस कड़वे सच की गवाही देती हैं. हर साल करीब 70 लाख लोग प्रदूषण के कारण मौत के शिकार हो जाते हैं. यानी पृथ्वी का स्वास्थ्य सीधे तौर पर हमारे दिल के स्वास्थ्य से जुड़ा है.

विशेषज्ञों की मानें तो हृदय को स्वस्थ रखने के लिए अहम बदलाव जरूरी हैं. ताजे फल-सब्जियों का सेवन, कम चीनी और नमक का उपयोग, जंक फूड से दूरी बनाना आवश्यक है. रोजाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम या पैदल चलना हृदय को स्वस्थ रखता है. साथ ही, तनाव पर नियंत्रण के लिए योग और ध्यान को दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए.

इसके अलावा, अगर आप धूम्रपान छोड़ते हैं तो हृदय रोग का खतरा काफी कम हो जाता है. केवल दो साल में जोखिम आधा हो जाता है और 15 साल में यह नॉन-स्मोकर जैसा हो जाता है. बीपी, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की नियमित जांच भी हृदय रोग की रोकथाम में अहम भूमिका निभाती है.

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जब हम अपने स्वास्थ्य की ओर सजग होंगे तो परिवार, समाज और राष्ट्र का स्वास्थ्य भी सुरक्षित होगा. इस विश्व हृदय दिवस पर संकल्प लें कि हम प्रदूषण घटाएंगे, स्वस्थ आदतें अपनाएंगे और दिल से जुड़े मिथकों को तोड़ेंगे. दरअसल, मजबूत दिल ही जीवन को लंबी उम्र और गहरी मुस्कान देता है.

(Disclaimer: New Delhi Television is a subsidiary of AMG Media Networks Limited, an Adani Group Company.)

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