- दिल्ली में अरुणाचल की 3 लड़कियों के साथ नस्लभेदी गालियां और अभद्र व्यवहार करने वाले आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं.
- घटना 20 फरवरी को है, जब महिलाओं के फ्लैट में AC इंस्टालेशन के दौरान नीचे वाले फ्लैट में धूल गिर गई.
- वायरल वीडियो में पड़ोसी महिला और उसके बेटे द्वारा नस्लभेदपूर्ण टिप्पणियां और गालियां देते हुए देखा गया.
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में अरुणाचल प्रदेश की तीन लड़कियों के साथ नस्लभेदी (racial) गालियां और अभद्र व्यवहार करने के मामले में पुलिस ने एक महिला और उसके बेटे को गिरफ्तार कर लिया है. यह घटना 20 फरवरी 2026 को तब शुरू हुई जब तीनों महिलाएं अपने किराए के फ्लैट में एयर कंडीशनर इंस्टालेशन करा रही थीं और ड्रिलिंग के दौरान नीचे वाले फ्लैट में धूल गिर गई थी. इसी बात को लेकर नीचे रहने वाली पड़ोसी महिला और उनके परिवार ने विवाद बढ़ा दिया.
इस विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. जिसमें दिख रहा था कि पड़ोसी महिला और उसका बेटा महिलाओं पर नस्लभेदपूर्ण और आपत्तिजनक टिप्पणियां कर रहे थे और उनको गाली दे रहे थे. सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद अरुणाचल प्रदेश के सीएम ने इस मामले में दिल्ली पुलिस से कार्रवाई करने की मांग की थी.
SC-ST एक्ट में भी केस दर्ज
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज की, जिसमें शब्दों से महिला की गरिमा को अपमानित करने, क्रिमिनल इंटिमिडेशन और समुदायों के बीच बैर बढ़ाने जैसे आरोप शामिल हैं. जांच में कुछ धाराओं में एससी/एसटी एक्ट भी जोड़ा गया है.
इस मामले में आरोपियों की देर से हुई गिरफ्तारी को लेकर आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज मालवीय नगर थाने भी गए थे और उन्होंने पुलिस अधिकारी से आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की थी. भारद्वाज ने कहा घटना के तीन दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस आरोपियों को पकड़ नहीं पाई. पूरी पुलिस यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं की टीशर्ट को ढूंढ़ने में लगी हुई है.
इस मामले में नॉर्थईस्ट मामले के मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी इस घटना पर चिंता जताई और कहा कि उन्होंने अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू से बात की है और दिल्ली पुलिस आयुक्त से भी इस मामले पर तत्काल और कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह किया है. उन्होंने आगे कहा कि पूर्वोत्तर के लोगों की सुरक्षा और गरिमा सर्वोपरि है और उनके साथ होने वाले अन्याय को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
इस मामले में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी कहा कि इस तरह की घटना बर्दाश्त नहीं की जाएगा.
इस घटना पर कई नेताओं और संबंधित आयोगों ने भी नस्लभेद और सम्मान के अधिकार पर चिंता व्यक्त करते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है.













