- पश्चिम बंगाल में नोआपारा विधानसभा क्षेत्र के बूथ नंबर 29 से जुड़ी VVPAT पर्चियां कथित तौर पर बिखरी मिली हैं.
- माकपा उम्मीदवार गार्गी चटर्जी ने इस मामले को चुनाव आयोग की गलती बताया और जांच की मांग की है.
- भाजपा उम्मीदवार अर्जुन सिंह ने इसे चुनाव परिणाम प्रक्रिया को बाधित करने की साजिश करार दिया.
पश्चिम बंगाल चुनाव परिणामों के ऐलान से ठीक पहले एक बार फिर VVPAT को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. चुनाव परिणाम आने में अब कुछ ही वक्त बचा है. हालांकि मतगणना शुरू होने से कुछ ही घंटे पहले उत्तर 24 परगना जिले की नोआपारा विधानसभा के बूथ नंबर 29 से जुड़ी VVPAT की पर्चियां कथित तौर पर मध्यग्राम विधानसभा इलाके के सुभाषनगर में पाई गई हैं. इसके बाद माकपा उम्मीदवार गार्गी चटर्जी और पुलिस मौके पर पहुंची. इस सीट से तृणमूल के त्रिनांकुर भट्टाचार्जी और भाजपा के अर्जुन सिंह भी विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं.
पुलिस के मुताबिक, 3 मई 2026 को शाम करीब 6 बजे सुभाषनगर इलाके में राहगीरों ने दत्तपुकुर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत नोआपारा विधानसभा की करीब 700-800 VVPAT की पर्चियां जमीन पर बिखरी देखी. सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और इन्हें बरामद किया गया.
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चुनाव आयोग पर जमकर बरसीं माकपा उम्मीदवार
इस सीट से उम्मीदवार माकपा उम्मीदवार गार्गी चटर्जी मौके पर पहुंची और उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह है चुनाव आयोग की हालत. उन्होंने बताया कि मेरे नाम की कुछ पर्चियां, भाजपा की कुछ और TMC उम्मीदवार की दो-तीन पर्चियां यहां पड़ी हैं. हमारी पार्टी के एक कार्यकर्ता ने यह सब देखा और उसने मुझे फोन किया. हमने मुख्य चुनाव अधिकारी को फोन किया, लेकिन उनके पास माकपा के लिए समय नहीं है. चटर्जी ने कहा कि हम जांच की मांग करेंगे और जब तक वे हमें EVM यूनिट नहीं दिखाते हैं, मतगणना शुरू नहीं हो सकती. साथ ही कहा कि ज्यादातर पर्चियां मेरे नाम की हैं. मैं इसे चुनाव आयोग की गलती मानूंगी.
इस मामले में भाजपा उम्मीदवार अर्जुन सिंह ने कहा कि यह चुनाव परिणाम प्रक्रिया को बाधित करने और रोकने की पूरी साजिश है.
मॉक पोल से संबंधित है VVPAT की पर्चियां: डीईओ
सूत्रों के अनुसार, चुनाव आयोग ने उत्तर 24 परगना के जिला निर्वाचन अधिकारी से इस मामले में रिपोर्ट मांगी है. उत्तर 24 परगना के जिला चुनाव अधिकारी ने कहा कि जांच करने पर पता चला है कि दिखाए गए वीवीपीएटी पेपर स्लिप मतदान से पहले किए गए मॉक पोल से संबंधित हैं और मतदान के दिन हुए वास्तविक मतदान से इनका कोई संबंध नहीं है. विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है और सत्यापन और कार्रवाई के लिए औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई है.














