चारधाम यात्रा में बिना ग्रीन कार्ड बनाये वाहनों की नो एंट्री, कमर्शियल वाहनों के लिए जरूरी ग्रीन कार्ड

उत्तराखंड की चारधाम यात्रा को लेकर परिवहन विभाग ने तैयारियां पूरी कर ली हैं. 30 मार्च से कमर्शियल वाहनों के लिए ग्रीन कार्ड बनना शुरू हो गया है, जो चारधाम यात्रा में शामिल सभी वाहनों के लिए अनिवार्य होगा. बिना ग्रीन कार्ड यात्रा करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.

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  • उत्तराखंड परिवहन विभाग ने 30 मार्च से चारधाम यात्रा के कमर्शियल वाहनों के लिए ग्रीन कार्ड जारी करना शुरू किया
  • ग्रीन कार्ड बनवाना सभी कमर्शियल वाहनों के लिए अनिवार्य है, जिसमें वाहन के दस्तावेज और तकनीकी जांच शामिल है
  • ग्रीन कार्ड बनवाने के लिए LMV वाहनों से 450 रुपए और HMV वाहनों से 650 रुपए फीस ली जाएगी, जो 30 नवंबर तक वैध
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उत्तराखंड की चारधाम यात्रा को लेकर परिवहन विभाग ने तैयारी पूरी कर ली है. चारधाम मार्गों पर चलने वाले  कमर्शियल वाहनों के ग्रीन कार्ड सोमवार 30 मार्च से  बनने शुरू हो गए है. देहरादून की आशारोड़ी चेक पोस्ट, विकासनगर, ऋषिकेश, हरिद्वार व रुड़की एआरटीओ कार्यालय में ग्रीन कार्ड बनाए जाएंगे. वही 15 अप्रैल से रुड़की की नारसन चेक पोस्ट पर ग्रीन कार्ड बनाए जाएंगे. आरटीओ (प्रशासन) ने एआरटीओ (प्रशासन) को पारदर्शिता से ग्रीन कार्ड बनाने के निर्देश दिए हैं.

19 अप्रैल से चारधाम यात्रा, कपाट खुलने की तारीखें तय

19 अप्रैल से उत्तराखंड की चारधाम यात्रा शुरू होने जा रही है. 19 अप्रैल अक्षय तृतीया को गंगोत्री यमुनोत्री धामों के कपाट खुलेंगे. वही केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को खोले जाएंगे. 23 अप्रैल को भगवान बद्री विशाल के कपाट खुलेंगे तो 23 मई को सिखों के पवित्र धाम हेमकुंड साहिब के कपाट खुलेंगे. चारों धाम की यात्रा का हर वर्ष स्थानीय लोग और होटल व्यवसाय टूर एंड ट्रैवल वेबसाइट इसके अलावा छोटे ढाबे और रेस्टोरेंट वाले इंतजार करते हैं. चारों धामों और हेमकुंड साहिब के दर्शन करने सबसे ज्यादा यात्री सड़क मार्ग के जरिए जाते हैं. ऐसे में टूर एंड ट्रेवल ट्रांसपोर्टर इंतजार कर रहे थे कि कब राज्य में ग्रीन कार्ड बनाने शुरू होंगे.

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कमर्शियल वाहनों के लिए ग्रीन कार्ड अनिवार्य

उत्तराखंड परिवहन विभाग ने 30 मार्च सोमवार को राज्य में ग्रीन कार्ड बनाने की शुरुआत कर दी है जिसका शुभारंभ हरिद्वार से किया गया. चार धाम यात्रा में आने वाले सभी तरह के कमर्शियल वाहनों को ग्रीन कार्ड बनाना जरूरी है चाहे वे राज्यों के बाहर से आने वाले कमर्शियल वाहन हो या राज्य के अंदर से संचालित होने वाले कमर्शियल वाहन. उत्तराखंड परिवहन विभाग कमर्शियल वाहनों के लिए 30 नवंबर तक ग्रीन कार्ड बनता है. वाहन चालकों को ग्रीन कार्ड बनाने के लिए वाहन साथ लाने होंगे. ग्रीन कार्ड तभी जारी किया जाएगा, जब वाहन के दस्तावेज पूरे होंगे. इसके अलावा वाहन का तकनीकी निरीक्षण भी किया जाएगा.

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ग्रीन कार्ड नियम, जांच और फीस की व्यवस्था

दस्तावेज में वाहन फिट और तकनीकी निरीक्षण में किसी तरह की कमी पाई जाती है तो वाहन के ग्रीन कार्ड नही बनाया जाएगा. कार्यालय एवं चेक पोस्ट पर ग्रीन कार्ड बनाए जाएंगे, वहां तकनीकी टीम के साथ ही प्रशासन की विशेष टीम तैनात की गई है. प्रतिदिन बनने वाली ग्रीन कार्ड की जानकारी आरटीओ प्रशासन को उपलब्ध करानी होगी. चार धाम यात्रा के नोडल अधिकारी आरटीओ संदीप कुमार सैनी ने बताया कि ग्रीन कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. चार धाम यात्रा में आने वाले सभी प्रकार के कमर्शियल वाहनों के ग्रीन कार्ड बनाए जाएंगे. ग्रीन कार्ड बनाने के लिए LMV और LMV वाहनों के ग्रीन कार्ड बनाए जाते हैं, जिसमें LMV के 450 रुपए और HMV वाहनों के लिए 650 फीस ली जाएगी.

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बिना ग्रीन कार्ड सख्ती, चालान और ड्राइवरों के विश्राम नियम

नोडल अधिकारी आरटीओ संदीप कुमार सैनी ने बताया कि यह फीस 30 नवंबर तक के लिए ली जाती है, जिसमें सभी वाहन स्वामी को गाड़ी के इंश्योरेंस, फिटनेस और सभी जरूरी कागज होने के बाद ही यह ग्रीन कार्ड बनाया जाता है. चार धाम यात्रा के परिवहन के नोडल अधिकारी आरटीओ संदीप कुमार सैनी ने बताया कि अगर किसी के पास ग्रीन कार्ड नहीं होगा तो उसको किसी भी सूरत में चार धाम यात्रा में वाहन चलाने की इजाजत नहीं होगी. अगर कोई बिना ग्रीन कार्ड के चार धाम यात्रा में अपना कमर्शियल वाहन लेकर आता है तो उसे पर ₹5000 का चालान किया जाएगा या उसके वाहन को सीज कर दिया जाएगा. संदीप कुमार सैनी ने बताया कि चार धाम यात्रा में अगर कोई ड्राइवर दो धाम या तीन धाम या चार धाम करके वापस आता है तो उसको नियमों के मुताबिक एक या दो दिन का विश्राम दिया जाना जरूरी है.

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