UP : देश विरोधी गतिविधियों में संलिप्त 50 हजार का इनामी एनजीओ संचालक गिरफ्तार

एटीएस के मुताबिक आरोपी के पास से अलग-अलग जन्मतिथि के दो आधार कार्ड और दो मोबाइल फोन भी बरामद किये गये हैं.

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पुलिस के मुताबिक, उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था. (प्रतीकात्‍मक)
लखनऊ :

उत्तर प्रदेश पुलिस (Uttar Pradesh Police) के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने कथित तौर पर विदेश से एनजीओ के नाम पर 58 करोड़ रुपये प्राप्‍त कर घुसपैठियों की मदद करने और देश विरोधी गतिविधियों में इस धन का दुरुपयोग करने के आरोप में 50 हजार रुपये के इनामी अबू सालेह मंडल को गिरफ्तार किया है. एटीएस ने सोमवार को एक बयान में यह जानकारी दी. एटीएस मुख्यालय द्वारा जारी बयान के अनुसार राजधानी लखनऊ के आलमबाग इंटर कॉलेज, मानक नगर के पास से रविवार को पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के स्वरूप नगर थाना इलाके के भिकुटिया निवासी अबू सालेह मंडल (50) को गिरफ्तार किया गया है.

बयान के मुताबिक अबू सालेह की पढ़ाई मदरसा दारुल उलूम देवबंद (सहारनपुर) से हुई है. उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था. आरोपी के पास से एटीएस ने 1,16,976 रुपये नकद बरामद किये हैं.

एटीएस के मुताबिक आरोपी के पास से अलग-अलग जन्मतिथि के दो आधार कार्ड और दो मोबाइल फोन भी बरामद किये गये हैं.

बयान में कहा गया कि एटीएस को सूचना मिली थी कि कुछ व्यक्तियों ने एक गिरोह बनाया है जो अवैध घुसपैठियों को उनकी पहचान छिपाकर फर्जी भारतीय दस्तावेजों के आधार पर भारत में बसा रहा है एवं उनको आर्थिक सहयोग कर राष्ट्रीय विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा दे रहा है.

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इस सूचना की जांच कर एटीएस थाने में संबंधित धाराओं में एक प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. इस मामले में बांग्लादेश, असम और पश्चिम बंगाल निवासी छह आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है.

पूछताछ के दौरान हुए कई खुलासे 

एटीएस के अनुसार इसी कड़ी में रविवार को अबू सालेह की गिरफ्तारी की गई. पूछताछ में सामने आया कि अबू सालेह हरोआ-अल जामिया तुल इस्लामिया दारुल उलूम मदरसा एवं कबीर बाग मिल्लत एकेडमी नाम के ट्रस्ट का संचालक है और इन ट्रस्‍ट के एफसीआरए खातों में विदेश (उम्मा वेलफेयर ट्रस्ट, यूके) से 2018 से 2022 के बीच करीब 58 करोड़ रुपये भेजे गए.

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रोहिंग्‍या और बांग्‍लादेशियों की घुसपैठ में करता था मदद 

एटीएस के अनुसार अबू सालेह विदेश से प्राप्त धन के एक बड़े हिस्से को अपनी टीम के सदस्यों से फर्जी बिल के जरिये प्राप्त कर लेता और अब्दुल गाजी नामक व्यक्ति के साथ मिलकर अवैध रूप से रोहिंग्या और बांग्लादेशियों की घुसपैठ कराने और आर्थिक मदद में उपयोग करता. एटीएस ने आरोप लगाया कि वह फर्जी भारतीय दस्तावेज बनवाने के साथ ही हवाला के जरिये पैसे को देश के विभिन्‍न राज्‍यों में भेजकर राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में भी सक्रिय था. एटीएस के मुताबिक सालेह को अदालत के समक्ष पेश कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है.

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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