उन्नाव रेप: पीड़िता के पिता की मौत मामले में कुलदीप सिंह सेंगर की जमानत अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज

सुनवाई अदालत ने 13 मार्च 2020 को सेंगर को 10 साल के कठोर कारावास और 10 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई थी. अधीनस्थ अदालत ने कहा था कि परिवार के इकलौते कमाने वाले की हत्या के लिए किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जा सकती. 

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  • कुलदीप सिंह सेंगर ने उन्नाव रेप पीड़िता के पिता की मौत मामले में सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका दायर की है.
  • दिल्ली हाई कोर्ट ने सेंगर की दस साल की जेल की सजा निलंबित करने से देरी के कारण इनकार किया था.
  • अदालत ने 13 मार्च 2020 को सेंगर को 10 साल के कारावास और 10 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई थी.
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नई दिल्‍ली:

भाजपा से निष्कासित नेता कुलदीप सिंह सेंगर ने उन्नाव बलात्कार पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत के मामले में जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट आज सुनवाई करेगा. दिल्ली उच्च न्यायालय ने 19 जनवरी को मुकदमे में देरी के आधार पर सेंगर की 10 साल की जेल की सजा को निलंबित करने से इनकार करते हुए कहा कि यह आंशिक रूप से इस मामले में उसके द्वारा दायर किए गए कई आवेदनों के कारण हुई थी. 

इस मामले में सुनवाई अदालत ने 13 मार्च 2020 को सेंगर को 10 साल के कठोर कारावास और 10 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई थी. अधीनस्थ अदालत ने कहा था कि परिवार के इकलौते कमाने वाले की हत्या के लिए किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जा सकती. 

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गैर इरादतन हत्‍या के लिए सुनाई थी सजा

पिता के मामले में आरोपी को हत्या का दोषी नहीं ठहराते हुए अधीनस्थ अदालत ने उसे गैर इरादतन हत्या के अपराध के लिए अधिकतम सजा सुनाई थी.

दुष्कर्म के मुख्य मामले में दिसंबर 2019 के फैसले के खिलाफ सेंगर की अपील और पिता का मामला भी हाई कोर्ट में लंबित है. दुष्कर्म के मामले में उसे दोषी ठहराया गया था और आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी. 

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सुप्रीम कोर्ट ने निलंबन पर लगाई थी रोक

बलात्कार मामले में उसकी दोषसिद्धि और सजा को चुनौती देने वाली अपील के लंबित रहने तक हाई कोर्ट ने 23 दिसंबर, 2025 को सजा निलंबित कर दी थी और सुप्रीम कोर्ट ने 29 दिसंबर, 2025 को निलंबन पर रोक लगा दी. 
 

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