सुप्रीम कोर्ट बोला- कुत्ता कब काट दे, आप उसका दिमाग नही पढ़ सकते

सुप्रीम कोर्ट में आज स्ट्रे डॉग मामले की फिर से सुनवाई शुरू हुई. शीर्ष अदालत ने कहा कि वो इस मामले में डॉग लवर और डॉग हेटर दोनों की बातें सुनेगा.

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नई दिल्ली:

सुप्रीम कोर्ट में आज आवारा कुत्ते मामले पर फिर से सुनवाई जारी है. शीर्ष अदालत ने कहा कि वो आज इस मामले पर डॉग लवर और डॉग हेटर दोनों की बातें सुनेगा. सुप्रीम कोर्ट बेंच ने आवारा कुत्तों की सुनवाई के दौरान कहा कि पिछले 20 दिनों में राजस्थान में दो जजों का आवारा जानवरों की वजह से एक्सीडेंट हुआ है. बहस के दौरान वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि कुत्ते सड़कों पर नहीं होते हैं तो सुप्रीम कोर्ट ने नाराज होते हुए कहा कि लगता है आपकी जानकारी पुरानी है. 

कोर्ट बोला, कह नहीं सकते कुत्ता कब काटने के मूड में कब नहीं 

सुनवाई के दौरान सर्वोच्च अदालत ने कहा कि कुत्ता कब काट ले ये नहीं कह सकते है. सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के खतरे पर अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि यह नहीं पढ़ा जा सकता कि कोई कुत्ता कब काटने के मूड में है और कब नहीं.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा- आज सबकी बात सुनेंगे 

शीर्ष अदालत ने कहा कि इस दुर्घटना के बाद एक जज अभी तक ठीक नहीं हुए हैं. कोर्ट ने कहा कि उन्हें रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोटें आई है. यह बहुत गंभीर मामला है. SC ने कहा कि आज हम  इस मामले में सबको विस्तार से सुनेंगे. ⁠कुत्ते के काटे जाने के शिकार पीड़ितों, कुत्ता प्रेमियों को और कुत्तों से नफरत वालों को. इस पर SG तुषार मेहता ने कहा, कुत्तों के लिए पेश होने वाले और इंसानों की ओर से पेश होने वाले दोनों को सुनिए. 

गेटेड सोसइटी में कुत्तों के होने पर बहस

कोर्ट को बताया गया मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक और पंजाब जैसे राज्यों ने अभी तक पिछले आदेश के अमल को लेकर जवाब दाखिल नहीं किया है. इस पर SG मेहता ने कहा कि क्या गेटेड सोसाइटी में कुत्ते होने चाहिए, इसके लिए कोई ऐसा प्रोविजन होना चाहिए कि RWA वोट के आधार पर फैसला करे? क्योंकि सभी जानवर प्रेमी हैं लेकिन हम इंसान प्रेमी भी हैं, एक दिन कोई भैंस का दूध पीने के लिए भैंस लाना चाहेगा, क्या इसकी इजाज़त दी जा सकती है? दूसरों को दिक्कत होगी.

सिब्बल की दलील 

कोर्ट ने कहा कि  ऐसा नहीं है कि सिर्फ कुत्ते काटते ही हैं वो लोगों का पीछा भी करते हैं और इससे हादसा हो सकता है. जब वो सड़क पर दौड़ते हैं तो यह भी एक समस्या है. ऐसी सड़कें जहां गाड़ियां चलती हैं. यहां सिर्फ काटने की बात नहीं है. सिब्बल ने कहा कि  कुत्ते सड़कों पर नहीं होते, वे कंपाउंड में होते हैं. कोर्ट ने सिब्बल से पूछा कि क्या आप सच कह रहे हैं? आपकी जानकारी पुरानी लगती है. बचाव हमेशा इलाज से बेहतर होता है. सड़कों को कुत्तों से साफ और खाली रखना होगा. हो सकता है वे काटें नहीं, लेकिन फिर भी वे हादसों की वजह बनते हैं.

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