- सुप्रीम कोर्ट ने राजा रघुवंशी मर्डर केस में सोनम रघुवंशी की हाई कोर्ट से मिली जमानत बरकरार रखी है
- कोर्ट ने जमानत रद्द करने से इनकार करते हुए कहा कि पहले से लागू आदेश पर रोक नहीं लगाई जा सकती है
- सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई 9 जुलाई तक टाल दी है और जवाब दाखिल करने की तारीख भी जल्द देगी
सुप्रीम कोर्ट ने इंदौर के राजा रघुवंशी मर्डर केस में पत्नी सोनम रघुवंशी की हाई कोर्ट से मिली जमानत बरकार रखते हुए इस पर रोक लगाने से इनकार कर दिया. स्टे को लेकर सुनवाई के दौरान जस्टिस एमएम सुंदेश ने कहा कि हाई कोर्ट के आदेश को लेकर हमारी पहली नजर में आपत्तियां हैं. लेकिन जब सोनम के वकील ने बताया कि वह पहले ही रिहा हो चुकी है और शलॉन्ग में है तो अदालत ने जमानत रद्द करने से इनकार कर दिया. कोर्ट ने कहा कि हम जमानत रद्द करने के इच्छुक नहीं हैं. अदालत ने कहा कि पहले से लागू हो चुके आदेश पर रोक नहीं लगाई जा सकती. हालांकि सोनम को जवाब दाखिल करने के लिए जल्द की तारीख दी जाएगी. मामले में अगली सुनवाई 9 जुलाई को होगी. बता दें कि ट्रायल कोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए हाई कोर्ट ने सोनम को जमानत दे दी थी.
तुषार मेहता ने दलील देते हुए कहा कि सोनम ने सुनवाई के दौरान तीन बार गिरफ्तारी के आधार का मुद्दा नहीं उठाया, लेकिन चौथी बार उठाया. तकनीकी आधार पर उसे जमानत नहीं दी जा सकती. अदालत ने पूछा कि अभी क्या स्टेटस है तो तुषार मेहता ने कहा कि हाई कोर्ट ने बेल कंफर्म कर दी है तो कोर्ट ने पूछा कि कितने लोगों की गवाही हुई.
जमानत एक टाइपिंग की गलती की वजह से दी गई
अदालत ने कहा कि जमानत दी जाए या नहीं, इस पर फैसला करने से पहले अदालत देखेगी कि मुकदमे की कार्यवाही किस रफ्तार से चल रही है. सुप्रीम कोर्ट ने गौर किया कि अभी तक 94 में से सिर्फ 4 गवाहों से ही पूछताछ की गई है. कोर्ट ने ये माना कि सोनम को जमानत एक टाइपिंग की गलती की वजह से दी गई थी.
अदालत में तुषार मेहता की दलील
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि यह एक चौंकाने वाला मामला है, जिसमें एक महिला अपने पति को हनीमून पर ले गई, उस पर हुए हमले में शामिल रही और फिर उसकी हत्या कर उसे पहाड़ से नीचे धकेल दिया और फिर लाश को खाई में फेंक दिया. उन्होंने आगे कहा कि महिला तीन हमलावरों को साथ लाई थी और उसने खुद भी उसकी हत्या की. फरार होने के बाद उसे यूपी से गिरफ्तार किया गया. मजिस्ट्रेट ने कहा कि वे इस बात से संतुष्ट थे कि गिरफ्तारी की वजह बता दी गई थी.
'देखेंगे कि ट्रायल कैसे आगे बढ़ता है'
दलीलों पर बहस के दौरान जस्टिस एमएम सुंदेश ने कहा कि हाई कोर्ट के आदेश को लेकर हमारी पहली नजर में आपत्तियां हैं. हम इस आदेश पर रोक लगाएंगे और देखेंगे कि ट्रायल कैसे आगे बढ़ता है. गिरफ्तारी के आधार के बारे में आपसे पूछताछ की गई है. पहले की जमानत याचिकाओं में आपने ये मुद्दे नहीं उठाए थे. यह ऐसा मामला नहीं है जिसमें हिरासत में लेने का आधार न बताया गया हो. ये तथ्य अपनी जगह कायम हैं. वहीं जब सोनम के वकील ने कहा कि वह अभी जमानत पर है और शिलांग में ही है तो सुप्रीम कोर्ट ने जमानत रद्द करने से इनकार कर दिया.
मेघालय सरकार की अर्जी पर नोटिस जारी
सोनम रघुवंशी की जमानत वाली राहत फिलहाल बरकरार है क्यों कि सुप्रीम कोर्ट ने जमानत रद्द करने से इनकार करते हुए कहा कि हम बेल पर रोक लगाने के इच्छुक नहीं हैं. इसके साथ ही मेघालय सरकार की अर्जी पर नोटिस जारी कर कहा कि पहले देखेंगे कि ट्रायल कैसे चल रहा है.