कोई खामी नहीं दिखाई देती... SC ने खारिज की इलेक्टोरल बॉन्ड को रद्द करने वाले फैसले की पुनर्विचार याचिका

15 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट की संविधान बेंच ने इलेक्टोरल बॉन्ड योजना को असंवैधानिक करार देते हुए इसे रद्द कर दिया था. एडवोकेट मैथ्यूज नेदुम्परा और अन्य की ओर से इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की गई थी.

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नई दिल्ली:

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने चुनावी बॉन्ड यानी Electoral Bond स्कीम को असंवैधानिक करार देते हुए संविधान बेंच के फैसले की पुनर्विचार की मांग करने वाली याचिका खारिज कर दी है. चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस जेबी परिदवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने एडवोकेट मैथ्यूज नेदुम्परा और अन्य की ओर से दायर पुनर्विचार याचिका खारिज की. 

बेंच ने कहा, "पुनर्विचार याचिकाओं का अवलोकन करने के बाद रिकॉर्ड में कोई त्रुटि नहीं दिखाई देती. सुप्रीम कोर्ट नियम 2013 के आदेश XLVII नियम 1 के तहत पुनर्विचार का कोई मामला नहीं है. इसलिए पुनर्विचार याचिकाओं को खारिज किया जाता है." 15 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट की संविधान बेंच ने इलेक्टोरल बॉन्ड योजना को असंवैधानिक करार देते हुए इसे रद्द कर दिया था.

अदालत ने एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स बनाम यूनियन ऑफ इंडिया मामले में वित्त अधिनियम, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, कंपनी अधिनियम और आयकर अधिनियम में किए गए 2018 संशोधनों को खारिज कर दिया था. अदालत ने कहा था कि राजनीतिक दलों के वित्तपोषण के स्रोत के बारे में जानने का मौलिक अधिकार है. इस योजना ने उस अधिकार का उल्लंघन किया.

इसके बाद अदालत ने भारतीय स्टेट बैंक (जिस बैंक ने Electoral Bond जारी किए थे) को बांड के खरीदारों और प्राप्तकर्ताओं की डिटेल शेयर करने का आदेश दिया था.

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