'भारत Holidays का holy देश है ', गुरु गोबिंद सिंह जयंती को अवकाश घोषित करने की मांग पर SC की टिप्पणी

मामले की सुनवाई जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने की. सुनवाई के दौरान  वरिष्ठ वकील विकास ने कहा कि देश में पब्लिक हॉलिडे तय करने के लिए कोई स्पष्ट नीति नहीं है.

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  • सुप्रीम कोर्ट ने गुरु गोबिंद सिंह जयंती को राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने की मांग को सुनवाई के दौरान खारिज कर दिया
  • कोर्ट ने कहा कि भारत छुट्टियों का पवित्र देश है और इस पर और छुट्टियां जोड़ना उचित नहीं होगा
  • सुप्रीम कोर्ट ने पब्लिक हॉलिडे की नीति बनाने की मांग को खारिज करते हुए याचिका रद्द कर दी है
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नई दिल्ली:

गुरु गोबिंद सिंह जयंती को राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. इस सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ी टिप्पणी की. कोर्ट ने कहा कि भारत हॉलिडे का हॉली देश है. इस मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने गुरु गोबिंद सिंह जयंती को अवकाश घोषित करने की मांग को खारिज कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि इस दिन को राष्ट्रीय और पब्लिक हॉलिडे घोषित नहीं किया जा सकता है. 

मामले की सुनवाई जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने की. सुनवाई के दौरान  वरिष्ठ वकील विकास ने कहा कि देश में पब्लिक हॉलिडे तय करने के लिए कोई स्पष्ट नीति नहीं है, इसलिए केंद्र सरकार को इस पर जवाब देना चाहिए. इस पर कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी और कहा कि विस्तृत आदेश बाद में जारी किया जाएगा.

जस्टिस मेहता ने कहा कि चाचा, जो राजस्थान के एक प्रमुख वकील थे, कहा करते थे कि भारत छुट्टियों का पवित्र देश है.कृपया इसमें और छुट्टियां न जोड़ें. इस पर वकील विकास सिंह ने कहा कि वह छुट्टी पर जोर नहीं दे रहे थे, बल्कि पब्लिक हॉलिडे तय करने की एक स्पष्ट नीति बनाने की मांग कर रहे थे.ज़िंदगी में कई तरह की अनिश्चितताएं होती हैं. 

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