- HC में संभल हिंसा केस में पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR के आदेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई होगी.
- सीजेएम कोर्ट ने 9 जनवरी को अनुज चौधरी समेत 20 पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था.
- 24 नवंबर 2024 की हिंसा में घायल मोहम्मद आलम के पिता ने पुलिस पर गोली चलाने का आरोप लगाया था.
उत्तर प्रदेश के संभल हिंसा मामले में चर्चित एएसपी अनुज चौधरी समेत 20 पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सोमवार (9 फरवरी) को इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई होगी. उत्तर प्रदेश सरकार और एएसपी अनुज चौधरी ने अलग-अलग याचिकाएं दाखिल कर संभल की सीजेएम कोर्ट द्वारा 9 जनवरी को पारित उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया गया था. आर्टिकल 227 के तहत दाखिल इन याचिकाओं में सीजेएम विभांशु सुधीर के आदेश को रद्द करने की मांग की गई है.
यह पूरा मामला 24 नवंबर 2024 को संभल में हुई हिंसा से जुड़ा है. हिंसा के दौरान मोहम्मद आलम नामक युवक गोली लगने से घायल हुआ था, जिसे पुलिस ने भी आरोपी बनाया है. आलम के पिता मोहम्मद यामीन ने सीजेएम कोर्ट में 156(3) के तहत अर्जी दाखिल कर आरोप लगाया था कि पुलिसकर्मियों ने उनके बेटे पर गोली चलाई थी. इस पर संभल के तत्कालीन सीजेएम विभांशु सुधीर ने तत्कालीन सीओ अनुज कुमार चौधरी, इंस्पेक्टर अनुज तोमर और अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर का आदेश दिया था.
गौरतलब है कि अनुज चौधरी अब पदोन्नति के बाद फिरोजाबाद में एएसपी के पद पर तैनात हैं, जबकि आदेश देने वाले सीजेएम का तबादला हाल ही में सुल्तानपुर कर दिया गया है.
जस्टिस समित गोपाल की सिंगल बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही है. इससे पहले 2 फरवरी को हुई सुनवाई में कोर्ट ने अगली तारीख 9 फरवरी तय की थी. यूपी सरकार की याचिका में शिकायतकर्ता यामीन को प्रतिवादी बनाया गया है. एक अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, आरोपी मोहम्मद आलम को इलाहाबाद हाईकोर्ट से पहले ही 25 फरवरी तक के लिए अग्रिम जमानत मिल चुकी है. अब सभी की निगाहें सोमवार को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं कि हाईकोर्ट संभल कोर्ट के एफआईआर दर्ज करने के आदेश पर क्या रुख अपनाता है.













