वंदेमातरम के 150 साल, कर्तव्‍य पथ पर झांकी देख दिल खुश हो जाएगा 

Republic Day 2026: गणतंत्र दिवस समारोह की थीम “वंदे मातरम” रखी गई है. केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने राष्ट्रीय गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में इस थीम को चुना गया.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • राष्‍ट्रगीत वंदेमातरम की रचना को 150 वर्ष पूरे होने पर गणतंत्र दिवस 2026 की थीम वंदे मातरम रखी गई थी.
  • कर्तव्य पथ पर आयोजित झांकियों में वंदे मातरम के 150 वर्ष शीर्षक वाली विशेष झांकी को प्रदर्शित किया गया.
  • झांकी में वंदेमातरम के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की तस्वीरें और देश की संस्कृति को दर्शाया गया.
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

राष्‍ट्रगीत 'वंदेमातरम' की रचना को 150 साल पूरे हो गए हैं. यही कारण रहा कि इस बार गणतंत्र दिवस 2026 की थीम वंदे मातरम पर आधारित थी. इस मौके पर दिल्‍ली के कर्तव्‍य पथ से निकली झांकियों में यह थीम साफ देखी गई. "वंदे मातरम के 150 वर्ष" शीर्षक वाली एक विशेष झांकी ने खासतौर पर लोगों का ध्‍यान अपनी ओर खींचा. इस झांकी में 'वंदेमातरम' के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की तस्‍वीरें भी देखने को मिली. इस झांकी ने स्‍वतंत्रता संग्राम में 'वंदे मातरम' के नारे के प्रभाव को बयान किया, जिसने उपस्थिति जनसमुदाय को गर्व की भावना से भर दिया. 

केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने राष्ट्रगीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में इस थीम को चुना और कर्तव्‍य पथ पर "वंदे मातरम के 150 वर्ष" शीर्षक वाली झांकी को प्रदर्शित किया गया, जिसे उपस्थित लोगों ने खूब सराहा. 

ये भी पढ़ें: अद्भुत परेड, शानदार झांकियां: गणतंत्र दिवस के शानदार पलों को समेटे 10 बेहतरीन वीडियो

'वंदे मातरम के 150 वर्ष' की झांकी

इस अवसर पर "वंदे मातरम के 150 वर्ष" शीर्षक वाली विशेष झांकी प्रस्तुत की गई, जिसमें वंदेमातरम' के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की तस्‍वीर के साथ ही देश की सभ्‍यता, संस्‍कृति और हमारी साझी विरासत को दर्शाया गया. 

ये भी पढ़ें: गणतंत्र दिवस 2026: यूरोपीय यूनियन का मार्चिंग दस्ता और मुस्‍कुरा उठीं यूरोपीय आयोग की अध्‍यक्ष

'आनंदमठ' में शामिल था वंदे मातरम

'वंदे मातरम्' को 1876 में लिखा गया था और यह गीत बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के बेहद चर्चित उपन्यास 'आनंदमठ' में शामिल था, जो साल 1882 में प्रकाशित हुआ था.

'वंदे मातरम' ने देश की आजादी के आंदोलन में बड़ी भूमिका निभाई थी और आजादी के हर दीवाने की जुबान पर 'वंदे मातरम' का नारा था. 

Featured Video Of The Day
Republic Day 2026 | Kartavya Path पर नए भारत की ताकत, देखिए NDTV पर Special Coverage | Syed Suhail
Topics mentioned in this article