रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान का नेतृत्व अयातुल्ला खामेनेई की हत्या के बाद भी सत्ता बनाए रखेगा यह गोपनीय रिपोर्ट युद्ध शुरू होने से लगभग एक सप्ताह पहले 28 फरवरी को पूरी की गई थी रिपोर्ट में ईरान के बिखरे हुए विपक्ष द्वारा सत्ता हासिल करने की संभावना असंभव बताई गई है