पीएम मोदी ने उर्दू में भी किया पोस्‍ट, अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के फैसले को बताया ऐतिहासिक

सुप्रीम कोर्ट ने पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर राज्य को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को निरस्त किए जाने के सरकार के फैसले को बरकरार रखते हुए सोमवार को कहा कि अगले साल 30 सितंबर तक विधानसभा चुनाव कराने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए.

विज्ञापन
Read Time: 6 mins
यह उम्मीद की किरण है, उज्ज्वल भविष्य का वादा है- पीएम मोदी
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • "5 अगस्त 2019 को भारत की संसद द्वारा लिए गए निर्णय को बरकरार रखने वाला"
  • यह सिर्फ एक कानूनी फैसला नहीं है, बल्कि ‘उम्मीद की किरण’- PM मोदी
  • न्यायालय का फैसला मजबूत भारत के निर्माण के सामूहिक संकल्प का प्रमाण: PM
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
नई दिल्‍ली:

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर राज्य को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को निरस्त करने संबंधी सरकार के फैसले को बरकरार रखने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले को सोमवार को ‘ऐतिहासिक' करार दिया. इसे लेकर पीएम मोदी ने उर्दू में भी एक्‍स पर पोस्‍ट किया. उन्‍होंने यह सिर्फ एक कानूनी फैसला नहीं है, बल्कि ‘उम्मीद की किरण' तथा एक मजबूत एवं अधिक एकजुट भारत के निर्माण के सामूहिक संकल्प का प्रमाण है. उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों के लिए आशा, प्रगति और एकता की शानदार घोषणा भी बताया.

पीएम मोदी ने शीर्ष अदालत के फैसले के बाद ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "अनुच्छेद 370 को निरस्त करने पर उच्चतम न्यायालय का आज का फैसला ऐतिहासिक है और संवैधानिक रूप से 5 अगस्त 2019 को भारत की संसद द्वारा लिए गए निर्णय को बरकरार रखने वाला है."

इस पोस्ट के साथ उन्होंने हैशटैग ‘नया जम्मू कश्मीर' लिखा और इसे उर्दू में भी पोस्‍ट किया. 

पीएम मोदी ने कहा, "हम यह सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ हैं कि प्रगति का फल न केवल आप तक पहुंचे, बल्कि हमारे समाज के सबसे कमजोर और हाशिए वाले वर्गों तक भी उनका लाभ पहुंचे, जो अनुच्छेद 370 के कारण पीड़ित थे." उन्होंने कहा, "आज का फैसला सिर्फ एक कानूनी फैसला नहीं है, यह उम्मीद की किरण है, उज्ज्वल भविष्य का वादा है और एक मजबूत, अधिक एकजुट भारत के निर्माण के हमारे सामूहिक संकल्प का प्रमाण है."

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर राज्य को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को निरस्त किए जाने के सरकार के फैसले को बरकरार रखते हुए सोमवार को कहा कि अगले साल 30 सितंबर तक विधानसभा चुनाव कराने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए. शीर्ष अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा जल्द से जल्द बहाल किया जाए.

ये भी पढ़ें:-

Featured Video Of The Day
Iran Prince Reza Pahlavi का बड़ा दावा, कहा - 'I Will Soon Be By Your Side', हिली Khamenei की सत्ता?
Topics mentioned in this article