AI से संरक्षित कर रहे प्राचीन ग्रंथ, देख दुनिया हैरान... PM मोदी के 'मन की बात', AI-अंगदान और आस्‍था पर बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में कहा कि दुनिया के नेता यह देखकर अचंभित रह गए कि एआई की मदद से हम प्राचीन ग्रंथों और ज्ञान को कैसे संरक्षित कर रहे हैं.

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • PM नरेंद्र मोदी ने इंडिया AI इंपैक्ट शिखर सम्मेलन को विश्व के लिए अहम बताया और एआई के उपयोग की सराहना की.
  • 23 फरवरी को राष्ट्रपति भवन में राजाजी उत्सव मनाया जाएगा, जिसमें सी राजगोपालाचारी की प्रतिमा का अनावरण होगा.
  • पीएम मोदी ने केरल की मासूम आलिन शेरिन अब्राहम के अंगदान के निर्णय को देशवासियों के लिए प्रेरणादायक बताया.
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
नई दिल्‍ली:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम के 131वें एपिसोड में देशवासियों से बात की. इस दौरान पीएम मोदी ने एआई से लेकर अंगदान और आस्‍था से लेकर सेवा तक विभिन्‍न विषयों पर बात की. पीएम मोदी ने ‘इंडिया एआई इंपैक्‍ट' शिखर सम्मेलन का जिक्र किया और कहा कि यह दुनिया के लिए यह अहम साबित हुआ है. उन्‍होंने कहा कि दुनिया के नेता यह देखकर हैरान रह गए कि एआई की मदद से हम प्राचीन ग्रंथों और ज्ञान को कैसे संरक्षित कर रहे हैं. साथ ही उन्‍होंने कहा कि ‘एआई इंपैक्‍ट' शिखर सम्मेलन में दुनिया के नेता पशुओं के उपचार और किसानों को 24 घंटे सहायता प्रदान करने में एआई की अभूतपूर्व प्रगति से प्रभावित हुए हैं. उन्‍होंने बताया कि 23 फरवरी को राष्‍ट्रपति भवन में 'राजाजी उत्‍सव' मनाया जाएगा. 

पीएम मोदी ने मन की बात में कहा कि देश गुलामी के प्रतीकों को पीछे छोड़कर भारत की संस्कृति से जुड़ी चीजों को महत्व देने लगा है. इस दिशा में हमारे राष्ट्रपति भवन ने भी एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. 23 फरवरी को राष्ट्रपति भवन में 'राजाजी उत्सव' मनाया जाएगा.

ये भी पढ़ें: AI समिट में यूथ कांग्रेस के शर्टलेस प्रोटेस्ट का नेपाल के Gen Z आंदोलन से लिंक, दिल्ली पुलिस का खुलासा

उन्‍होंने कहा कि इस अवसर पर राष्ट्रपति भवन के केन्द्रीय प्रांगण में सी राजगोपालाचारी जी की प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा. सी राजगोपालाचारी जी स्वतंत्र भारत के पहले भारतीय गवर्नर जनरल थे. वे उन लोगों में थे, जिन्होंने सत्ता को पद की तरह नहीं, सेवा की तरह देखा. सार्वजनिक जीवन में उनका आचरण, आत्मसंयम और स्वतंत्र चिंतन, आज भी हमें प्रेरित करता है.

केरल की आलिन का भी किया जिक्र

इस दौरान उन्‍होंने केरल की मासूम आलिन शेरिन अब्राहम का भी जिक्र किया. पीएम मोदी ने कहा कि कुछ ही दिन पहले हमने केरल की एक मासूम आलिन शेरिन अब्राहम को खो दिया है. महज 10 महीनों में वो इस दुनिया से चली गई. उन्‍होंने कहा कि उसके सामने पूरी जिंदगी थी, जो अचानक खत्म हो गई. कितने ही सपने और खुशियां अधूरी रह गई. उसके पेरेंट्स जिस पीड़ा से गुजर रहे होंगे, उसे शब्दों से व्यक्त नहीं किया जा सकता है. 

पीएम मोदी ने कहा कि इतने गहरे दर्द के बीच भी आलिन के पिता अरुण अब्राहम और मां शेरिन ने एक ऐसा फैसला लिया, जिससे हर देशवासी का हृदय उनके प्रति सम्मान से भर गया है. उन्होंने आलिन के अंगदान का फैसला किया. इस एक फैसले से पता चलता है कि उनकी सोच कितनी बड़ी और व्यक्तित्व कितना विशाल है. 

Advertisement

ये भी पढ़ें: सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम का बड़ा सेंटर बन रहा यूपी, भारत को टेक फ्यूचर के रूप में देख रही दुनिया: PM मोदी

उत्तर से दक्षिण तक आस्था की एक ही धारा: PM मोदी 

साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि केरल की धरती पर भारतप्पुझा नदी के किनारे तिरुनावाया में सदियों पुरानी एक परंपरा रही है. इसे कई लोग महा माघ महोत्सव या केरला कुम्भ भी कहते हैं. माघ के महीने में पवित्र नदी में स्नान और उस क्षण को जीवन का अमिट स्मरण बना लेना, यही इसकी आत्मा है. समय के साथ यह परंपरा जैसे ओझल हो गई थी. करीब ढाई-सौ वर्षों तक यह आयोजन उसी भव्यता में नहीं हुआ था, जैसे पहले हुआ करता था. लेकिन आज अपनी विरासत को फिर से पहचान रहे हमारे देश में इतिहास ने फिर करवट ली है. 

Advertisement

उन्‍होंने कहा कि महाकुंभ हो या केरला कुम्भ, यह केवल स्नान का पर्व नहीं है. यह स्मृति का जागरण है. यह संस्कृति का पुनरस्मरण है. उत्तर से दक्षिण तक, नदियां भले अलग हों, किनारे भले अलग हों, पर आस्था की धारा एक ही है और यही भारत है. 

Featured Video Of The Day
MP News: मुंबई क्लाइमेट वीक में MP ने दिखाया ग्रीन दम! ₹4.38 लाख करोड़ बजट, किसान-शिक्षा पर फोकस
Topics mentioned in this article