मिडिल ईस्ट संकट : दिल्ली के होटलों और रेस्तरां को मिली छूट , कोयला और बायोमास से पका सकेंगे खाना

फ़ैसला लिया गया कि पहले से स्वीकृत ईंधनों की सूची में अस्थाई तौर पर संशोधन किया जाए. अब आयोग की तरफ़ से एक आदेश जारी कर कहा गया है कि दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में उद्योगों , होटलों और रेस्तरां में एलपीजी और पीएनजी जैसे प्राकृतिक गैस के साथ साथ कुछ वैकल्पिक ईंधन का भी इस्तेमाल किया जा सकेगा.

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  • मिडिल ईस्ट संकट के कारण दिल्ली और एनसीआर के होटल और उद्योगों के लिए गैस की विशेष छूट दी गई है.
  • वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने पेट्रोलियम मंत्रालय और गैस एजेंसियों के साथ मिलकर गैस उपलब्धता की समीक्षा की है.
  • आदेश में एलपीजी, पीएनजी के साथ हाई स्पीड डिज़ल, बायोमास और RDF जैसे वैकल्पिक ईंधनों के उपयोग की अनुमति दी गई.
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नई दिल्ली:

मिडिल ईस्ट संकट के चलते हो रही गैस की किल्लत के चलते दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र के होटल और रेस्तरां व्यवसायियों और उद्योगों के लिए विशेष छूट का ऐलान किया गया है. वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ( Commission for Air Quality Management ) ने एक आदेश जारी किया है . आदेश में कहा गया है कि पश्चिम एशिया में चल रहे ईरान युद्ध के चलते आयोग ने पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारियों और गैस वितरण करने वाली एजेंसियों के साथ विचार विमर्श करके राजधानी दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में गैस की उपलब्धता की समीक्षा की.

समीक्षा के बाद फ़ैसला लिया गया कि पहले से स्वीकृत ईंधनों की सूची में अस्थाई तौर पर संशोधन किया जाए. अब आयोग की तरफ़ से एक आदेश जारी कर कहा गया है कि दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में उद्योगों , होटलों और रेस्तरां में एलपीजी और पीएनजी जैसे प्राकृतिक गैस के साथ साथ कुछ वैकल्पिक ईंधन का भी इस्तेमाल किया जा सकेगा.

इन वैकल्पिक ईंधनों में हाई स्पीड डिज़ल , बायोमास और RDF ( Refuse Derive Fuel ) शामिल हैं . आदेश में ये भी कहा गया है कि अगर इन ईंधनों की भी कमी होती है तो कोयला और केरोसिन जैसे ईंधनों का भी इस्तेमाल किया जा सकता है . फ़िलहाल ये छूट केवल एक महीने के लिए दी गई है . दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषण के चलते इन वैकल्पिक ईंधनों के इस्तेमाल पर पाबंदी रहती है लेकिन गैस संकट को देखते हुए उनके इस्तेमाल पर छूट दी गई है .

उधर, दिल्ली सरकार के खाद्य, आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के विभाग ने प्राथमिकता के आधार पर कॉमर्शियल सिलेंडर के आवंटन की सूची जारी की है . इसमें सबसे पहली प्राथमिकता शैक्षिक संस्थानों , अस्पताल, रेलवे और हवाई अड्डे को दी गई है जबकि दूसरी प्राथमिकता सरकारी संस्थान और कैंटीन और तीसरी प्राथमिकता रेस्तरां और भोजनालय को दी गई है.

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