झारखंड को बचाने के लिए बंगाल को डुबो दिया! ममता के दावे में कितनी सच्चाई?

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) को इस ‘‘मानव निर्मित’’ बाढ़ के लिए जिम्मेदार ठहराया और आरोप लगाया कि राज्य में ऐसी स्थिति पैदा करने के लिए कोई साजिश की गई है. साथ ही उन्होंने झारखंड सरकार को भी इसके लिए जिम्मेदार माना है.

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झारखंड बॉर्डर बंद करने को ममता एहतियाती कदम बता रही हैं.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य के कई जिलों में आई बाढ़ के लिए पड़ोसी राज्य झारखंड को जिम्मेदार ठहराया है. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री का कहना है कि झारखंड सरकार और डीवीसी ने जानबूझ कर मैथन और पंचेत डैम से पानी छोड़ा है. जिसके कारण पश्चिम बंगाल के कई जिलों में बाढ़ आ गई है. बाढ़ के चलते पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने बंगाल-झारखंड सीमा को तीन दिनों तक सील करने का आदेश दिया है. कुल्टी थाना के चौरंगी चौकी की पुलिस और कुल्टी ट्रैफिक पुलिस ने झारखंड से बंगाल की ओर आने वाले सभी मालवाहक वाहनों को रोकते हुए उन्हें वापस झारखंड की ओर मोड़ दिया है. यहां पर लंबा जमा लग गया है.

इससे पहले पत्रकार वार्ता में बनर्जी ने आरोप लगाया था कि डीवीसी उनकी सरकार को सूचित किए बगैर बांध से पानी छोड़ रहा है. बनर्जी ने एक पत्रकार वार्ता में कहा था कि ‘‘मैंने झारखंड के मुख्यमंत्री को तीन बार फोन करके छोड़े जा रहे पानी को नियंत्रित करने का आग्रह किया.' इस पूरे मामले में पश्चिम बंगाल और झारखंड सरकार आमने-सामने आ गई है और दोनों सरकारें अब अपना पक्ष रख रही है.

बंगाल का पक्ष

  1. तीन दिन में दामोदर वैली कॉर्पोरेशन(DVC) से 5 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया.
  2. इससे साउथ बंगाल के 11 जिले और 18 लाख लोग प्रभावित हुए हैं.
  3. बंगाल में बाढ़ से प्रभावित इलाकों से 2.5 लाख लोग सुरक्षित निकाल लिए गए हैं.
  4. ममता का कहना है DVC अध्यक्ष एस. सुरेश कुमार से गुजारिश की थी, तब भी पानी छोड़ा गया.
  5. हम DVC से कोई संबंध नहीं रखना चाहत हैं, वह हमारी बात नहीं सुन रहा है.
  6. झारखंड बॉर्डर बंद करने को ममता एहतियाती कदम बता रही हैं.
  7. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि हमेशा क्यों भुगते? DVC हमेशा बंगाल को क्यों बचाता है? मुझे बंगाल को बचाना है.

झारखंड का पक्ष

  1. JMM प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि भारी बारिश के कारण झारखंड के रिजर्वेयर खतरे के निशान तक भर गए हैं.  
  2. पानी छोड़ने या न छोड़ने  की निगरानी राज्य नहीं, इंटर स्टेट कमिटी करती है.
  3. सुप्रियो भट्टाचार्य रिजर्वेयर ने कहा कि अगर भरने दिया जाता तो वह टूट जाता और दोनों राज्यों में भंयकर बाढ़ आती.
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