- नाशिक कोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ सावरकर मानहानि मामले की पूरी कार्यवाही आधिकारिक रूप से खत्म कर दी है.
- मामला नवंबर 2022 का था जब राहुल गांधी ने अकोला में सावरकर को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे.
- सामाजिक कार्यकर्ता देवेन्द्र भुताडा ने राहुल गांधी के बयान को सावरकर की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला बताया था.
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को सावरकर मानहानि मामले में नाशिक की अदालत से बड़ी राहत मिली है. अदालत ने मंगलवार को इस केस की पूरी कार्यवाही आधिकारिक रूप से समाप्त कर दी, जिससे यह मामला अब पूरी तरह खत्म हो गया है.
क्या था मामला?
यह मामला नवंबर 2022 का है, जब राहुल गांधी ‘भारत जोड़ो यात्रा' के दौरान वाशिम और अकोला जिलों में थे. 17 नवंबर 2022 को अकोला में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने वीर सावरकर से जुड़े दस्तावेज दिखाते हुए गंभीर आरोप लगाए थे. राहुल गांधी के इसी बयान के आधार पर नाशिक के सामाजिक कार्यकर्ता देवेन्द्र भुताडा ने उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था.
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भुताडा का आरोप था कि राहुल गांधी के बयान से सावरकर की छवि को नुकसान पहुंचा और करोड़ों लोगों की भावनाएं आहत हुईं.
राहुल गांधी ने क्या कहा था?
कांग्रेस नेता ने सावरकर द्वारा अंग्रेजों को लिखे गए एक पत्र का हवाला देते हुए दावा किया था कि 'सावरकर ने डर के कारण अंग्रेजों को माफीनामा लिखा और वह पेंशन भी लेते थे.'
कोर्ट ने खत्म की कार्यवाही
राहुल गांधी के वकीलों के अनुसार, नाशिक के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने इस मामले का अंतिम निपटारा कर दिया है. इससे पहले जुलाई 2025 में राहुल गांधी को इस मामले में जमानत मिली थी, लेकिन अब अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि अब इस केस में आगे कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं चलेगी.
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राहुल गांधी को मिली बड़ी राहत
नाशिक कोर्ट के फैसले के बाद राहुल गांधी एक बड़े कानूनी विवाद से पूरी तरह मुक्त हो गए हैं. कांग्रेस नेताओं और समर्थकों ने इसे महत्वपूर्ण राहत बताया है.













