लखीमपुर खीरी हिंसा : आशीष मिश्रा की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट ने यूपी पुलिस से क्या कुछ कहा, जानें

जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने कहा, "हमारे विचार में, ऐसी सामग्री की सत्यता, वास्तविकता और विश्वसनीयता की जांच पुलिस प्रशासन द्वारा की जा सकती है".

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(फाइल फोटो)
नई दिल्ली:

लखीमपुर खीरी हिंसा में गवाहों को धमकाने के मामले में आशीष मिश्रा की जमानत रद्द करने की मांग वाली याचिका में सुप्रीम कोर्ट ने सामग्री को यूपी पुलिस को भेजा. अदालत ने पुलिस को कहा कि वह उस सामग्री की प्रामाणिकता की जांच करे. याचिकाकर्ता की ओर से प्रशांत भूषण ने मामले में सामग्री दाखिल की है. 

जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने कहा, हमारे विचार में, ऐसी सामग्री की सत्यता, वास्तविकता और विश्वसनीयता की जांच पुलिस प्रशासन द्वारा की जा सकती है. साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस से इस मामले में रिपोर्ट दाखिल करने के लिए भी कहा. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस सामग्री को लखीमपुर के एसपी के पास भेजा जाए और चार हफ्तों में रिपोर्ट दाखिल की जाए. 

सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले अक्टूबर 2021 में 5 लोगों की हत्या से संबंधित लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में गवाहों को धमकाने के आरोपों पर पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा से जवाब मांगा था. जब उनके काफिले के वाहनों ने कथित तौर पर कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों के एक समूह को कुचल दिया था. 

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