कोलकाता की फैक्ट्री में 21 मौतों का जिम्मेदार कौन? जांच में सामने आई ये 5 बड़ी लापरवाही

जानकारी के अनुसार, यह हादसा उस समय और भी भयावह हो गया जब काम के दौरान आग लगने पर मजदूरों ने बाहर निकलने की कोशिश की, लेकिन गोदाम का दरवाजा बाहर से बंद पाया गया. इ

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  • कोलकाता के आनंदपुर वाउ मोमोज गोदाम में लगी आग में मृतकों की संख्या 21 तक पहुंच गई है और कई लोग लापता हैं.
  • आग लगने के समय गोदाम का दरवाजा बाहर से बंद था जिससे अंदर फंसे मजदूर बाहर नहीं निकल पाए और उनकी मौत हुई.
  • आग सोमवार सुबह लगी थी जब मजदूर गोदाम के अंदर सो रहे थे, जिससे वे आग में जलकर मारे गए.
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कोलकाता के आनंदपुर में स्थित फैक्ट्री में लगी भीषण आग ने एक ऐसी त्रासदी का रूप ले लिया है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. इस भयावह अग्निकांड में अब तक 21 मासूम जिंदगियां काल के गाल में समा चुकी हैं और कई परिवार अपने लापता सदस्यों की तलाश में दर-दर भटक रहे हैं. सबसे बड़ा सवाल प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहा है कि आखिर इन 21 लोगों की जान समय रहते क्यों नहीं बचाई जा सकी और इस सामूहिक मृत्यु का असली जिम्मेदार कौन है?

पुलिस की जांच और सूत्रों से जो चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, वे सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी की एक डरावनी तस्वीर पेश करते हैं. जांच में यह बात सामने आई है कि जब मजदूर फैक्ट्री के भीतर काम कर रहे थे या सो रहे थे, तब बाहर निकलने के रास्ते और गेट कथित तौर पर बाहर से बंद थे.

कोलकाता आग.... उस दिन क्या हुआ था?

  • दो गोदामों की चपेट: जांच के अनुसार, वहां दो अलग-अलग गोदाम थे. आग की शुरुआत सबसे पहले 'फ्लावर डेकोरेटर' के वेयरहाउस से हुई, जो तेजी से फैलते हुए 'वाउ मोमोज' की फैक्ट्री तक पहुंच गई.
  • नींद में ही आई मौत: हादसे के वक्त ज्यादातर मजदूर सो रहे थे. जैसे ही आग लगी, वेयरहाउस की छत गिर गई, जिससे मजदूरों को संभलने या भागने का मौका ही नहीं मिला.
  • बंद रास्ते बने काल : जांच में सामने आया है कि जिस हिस्से में पहले आग लगी, वहां से निकलना लगभग नामुमकिन था क्योंकि पीछे वाला रास्ता बंद था. हालांकि दूसरे रास्ते खुले थे, लेकिन भ्रम और भगदड़ में लोग फंस गए.
  • ज्वलनशील सामग्री: गोदामों में ऐसी सामग्री मौजूद थी जिसने आग में घी का काम किया. इस वजह से आग इतनी तेजी से फैली कि लोग बुरी तरह झुलस गए.
  • गेट बंद होने का रहस्य: फैक्ट्री का मुख्य गेट आगे से बंद था या नहीं, यह अभी जांच का विषय है. हालांकि, शुरुआती जानकारी के अनुसार पिछला गेट बाहर से बंद होने की बात पुख्ता तौर पर सामने आ रही है.
  • मृतकों का विवरण: इस भीषण हादसे में मरने वाले 21 लोगों में से 3 लोग 'वाउ मोमोज' के कर्मचारी थे, जबकि बाकी सभी मृतक 'फ्लावर डेकोरेटर' गोदाम के मजदूर थे.

गोडाउन में आग 26 जनवरी, सोमवार की सुबह लगी थी. उस समय मजदूर भीतर सो रहे थे. आग इतनी तेज थी कि वे बाहर निकल ही नहीं पाए और आग में जलकर उनकी दर्दनाक मौत हो गई.

मालिक गंगाधर दास को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया

आनंदपुर के जिस गोदाम में यह आग लगी, उसके मालिक गंगाधर दास को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. उन्हें बारुइपुर कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें 8 दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया. जानकारी के अनुसार, मृतकों में अधिकतर पुष्पांजलि गोदाम के कर्मचारी थे, जबकि खाने-पीने की डिलीवरी यूनिट में काम करने वाले 3 कर्मचारी ही अलग थे.

BJP नेता सुवेंदु अधिकारी आनंदपुर अग्निकांड के विरोध में प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे हैं, जिसमें पीड़ितों के परिवारों के लिए 50 लाख रुपये के मुआवजे और सरकारी नौकरियों की मांग की गई है.

BJP विधायक अग्निमित्रा पॉल ने कहा, "ऐसा सिर्फ पश्चिम बंगाल में ही हो सकता है. 23 लोगों की मौत हो गई है, 27 लोग लापता हैं, शव जल गए हैं और कुछ मामलों में सिर्फ कंकाल ही मिले हैं. अभी तक मुख्यमंत्री को यहां आने का समय नहीं मिला है. उनके आवास से यहां पहुंचने में उन्हें 20 मिनट से ज्यादा नहीं लगेंगे..."

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