- जस्टिस सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी ने मद्रास हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में पदभार ग्रहण किया
- राज्यपाल आर एन रवि ने लोक भवन में आयोजित समारोह में जस्टिस धर्माधिकारी को शपथ दिलाई
- जस्टिस धर्माधिकारी ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में एडिशनल जज और स्थायी जज के रूप में कार्य किया
मद्रास हाई कोर्ट को नए चीफ जस्टिस मिल गए हैं. जस्टिस सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी ने शुक्रवार को मद्रास हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली. लोक भवन में आयोजित एक सादे समारोह में राज्यपाल आर एन रवि ने जस्टिस धर्माधिकारी को पद की शपथ दिलाई. वह हाई कोर्ट के 55वें चीफ जस्टिस होंगे. मद्रास हाई कोर्ट में नियुक्ति से पहले वह केरल हाई कोर्ट के जज थे.
कौन हैं जस्टिस धर्माधिकारी?
मुख्य सचिव एन. मुरुगनंदम ने नियुक्ति आदेश पत्र पढ़कर सुनाया, जिसे मनोनीत चीफ जस्टिस को पद की शपथ दिलाने से पहले सौंप दिया गया. जस्टिस धर्माधिकारी को सात अप्रैल 2016 को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में एडिशनल जज और 17 मार्च 2018 को स्थायी जज के रूप में नियुक्त किया गया था.
8 जुलाई 1966 को रायपुर में जन्मे जस्टिस धर्माधिकारी ने नागपुर यूनिवर्सिटी से वाणिज्य और कानून में स्नातक की डिग्री प्राप्त की. उन्होंने 1992 में जबलपुर स्थित मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में एक वकील के रूप में रजिस्ट्रेशन कराया और वह 2000 से 2015 तक केंद्र सरकार के स्थायी वकील रहे.
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पूर्व चीफ जस्टिस कल हुए थे रिटायर
जस्टिस धर्माधिकारी के पूर्ववर्ती जस्टिस मनींद्र मोहन श्रीवास्तव 62 वर्ष की आयु होने के बाद 5 मार्च 2026 को रिटायर हो गए थे. वह 21 जुलाई 2025 से मद्रास हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस थे.
संक्षिप्त कार्यक्रम के प्रारंभ में सबसे पहले राष्ट्रगान गाया गया, जिसके बाद तमिल राज्यगान गाया गया. तमिलनाडु के प्राकृतिक संसाधन मंत्री एस. रेगूपति और शीर्ष अधिकारियों ने इस समारोह में भाग लिया.
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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)













