- मिडिल ईस्ट के तनाव के कारण भारत में LPG गैस की सप्लाई को लेकर चिंता का माहौल बन गया है.
- दिल्ली हाईकोर्ट की कैंटीन में गैस न मिलने से मुख्य भोजन सेवा अस्थायी रूप से बंद करनी पड़ी है.
- IRCTC ने कैटरिंग यूनिट्स को गैस कम होने पर वैकल्पिक विकल्प अपनाने और अलर्ट जारी करने के निर्देश दिए हैं.
मिडिल ईस्ट में चल रही ईरान-इजरायल-अमेरिका की जंग का असर अब भारत में भी चर्चा का विषय बन गया है. रसोई गैस यानी LPG को लेकर देश के कई हिस्सों में चिंता का माहौल दिख रहा है. दिल्ली हाईकोर्ट की वकील कैंटीन में गैस सप्लाई रुकने से मेन कोर्स बंद करना पड़ा, वहीं रेलवे की कैटरिंग संभालने वाली IRCTC ने भी अपने फूड प्लाजा और रिफ्रेशमेंट यूनिट्स को अलर्ट जारी कर दिया है. दूसरी ओर यूपी, बिहार और कई शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं, हालांकि प्रशासन का कहना है कि सप्लाई सामान्य है और अफवाहों से बचने की जरूरत है.
दिल्ली हाईकोर्ट की कैंटीन में गैस खत्म
दिल्ली हाईकोर्ट की लॉयर्स कैंटीन में फिलहाल मेन कोर्स खाना बंद करना पड़ा है. कैंटीन प्रबंधन की ओर से जारी नोटिस में बताया गया कि LPG सिलेंडर उपलब्ध नहीं होने के कारण मुख्य भोजन तैयार नहीं किया जा सकता. फिलहाल कैंटीन में सिर्फ सैंडविच, सलाद, फ्रूट चाट जैसे ठंडे स्नैक्स ही परोसे जा रहे हैं. प्रबंधन का कहना है कि जैसे ही गैस सप्लाई बहाल होगी, मेन कोर्स फिर से शुरू कर दिया जाएगा.
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IRCTC ने जारी किया अलर्ट
LPG सप्लाई प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए IRCTC ने अपने सभी कैटरिंग यूनिट्स को निर्देश जारी किए हैं. रेलवे स्टेशनों के फूड प्लाजा, रिफ्रेशमेंट रूम और जन आहार में यात्रियों को भोजन सेवा बंद नहीं होनी चाहिए.
IRCTC ने कहा है कि LPG की कमी होने पर माइक्रोवेव और इंडक्शन जैसे विकल्पों का इस्तेमाल करें. रेडी-टू-ईट फूड का पर्याप्त स्टॉक रखें. अगर किसी यूनिट में गैस से खाना बनाना बंद हो जाए तो तुरंत कंट्रोल रूम को सूचना दें. रेलवे का कहना है कि यात्रियों को भोजन सेवा में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए.
गोरखपुर: रात से लगी एक किलोमीटर लंबी लाइन
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की लंबी कतारें देखने को मिलीं. कई जगह लोगों ने बताया कि रात 2 बजे से ही लाइन लग रही है और कई उपभोक्ता 6-8 घंटे तक इंतजार कर रहे हैं. हालांकि गोरखपुर के डीएम दीपक मीणा का कहना है कि जिले में गैस की कोई कमी नहीं है. प्रशासन के मुताबिक हर दिन करीब 23 हजार सिलेंडर की सप्लाई हो रही है और अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है.
मुरादाबाद: घर तक डिलीवरी नहीं, एजेंसी से लेना पड़ रहा सिलेंडर
मुरादाबाद में लोगों को सिलेंडर के लिए एजेंसियों के बाहर सुबह से लाइन लगानी पड़ रही है. कई उपभोक्ताओं का कहना है कि पहले बुकिंग के बाद सिलेंडर घर पहुंच जाता था, लेकिन अब खुद एजेंसी जाकर लेना पड़ रहा है. कई लोगों को घंटों इंतजार के बाद भी सिलेंडर नहीं मिल पा रहा.
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बिहार के कैमूर में हालात ज्यादा खराब
बिहार के कैमूर जिले में गैस की किल्लत की खबरें सामने आई हैं. मोहनिया इलाके में गैस एजेंसी के बाहर सुबह से सिलेंडर लेकर लोग कतार में खड़े दिखाई दिए. स्थानीय लोगों का कहना है कि तीन-तीन दिन से एजेंसी के चक्कर लग रहे हैं. बाजार में 1800 से 2000 रुपये तक में सिलेंडर बिक रहा है. कुछ जगहों पर 3000 रुपये तक कीमत बताई जा रही है. कई परिवारों ने कहा कि गैस नहीं मिलने से घरों में चूल्हा नहीं जल पा रहा और बाहर से खाना खरीदकर काम चलाना पड़ रहा है.
शेखपुरा: गैस है लेकिन लोगों में डर
बिहार के शेखपुरा में फिलहाल गैस की कमी नहीं बताई जा रही, लेकिन लोगों में चिंता जरूर बढ़ गई है. कुछ उपभोक्ताओं का कहना है कि बुकिंग के बाद मैसेज नहीं आ रहा, जिससे डिलीवरी में देरी हो रही है. गैस एजेंसी का कहना है कि यह दिक्कत सर्वर और KYC से जुड़ी है, सप्लाई सामान्य है.
प्रशासन की अपील: अफवाहों से बचें
जिला प्रशासन और गैस एजेंसियां लगातार यह कह रही हैं कि LPG की सप्लाई सामान्य है और पैनिक खरीदारी से समस्या बढ़ सकती है. अधिकारियों का कहना है कि जरूरत से ज्यादा सिलेंडर जमा करने या ब्लैक मार्केटिंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
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सिलेंडर को लेकर देश में अचानक चिंता क्यों बढ़ी?
हाल के दिनों में मिडिल ईस्ट में बढ़े तनाव- खासतौर पर ईरान-इजरायल और अमेरिका के टकराव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ा है. इससे समुद्री रास्तों और सप्लाई पर दबाव बना है. भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है. ऐसे में अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर यहां भी चर्चा का विषय बन गया. रिपोर्टों के मुताबिक भारत अपनी कुल LPG जरूरत का करीब 60% से ज्यादा हिस्सा आयात करता है.
इसके अलावा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे अहम समुद्री रास्तों पर तनाव से सप्लाई को लेकर आशंकाएं बढ़ीं. यही वजह है कि बाजार में चिंता का माहौल बना.
क्या देश में घरेलू गैस की कमी है?
सरकार और तेल कंपनियों ने साफ कहा है कि घरेलू LPG सिलेंडर की कोई कमी नहीं है. सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने का फैसला किया है. रिफाइनरियों से कहा गया है कि वे LPG उत्पादन बढ़ाएं. विदेशों से अतिरिक्त कार्गो मंगाने की कोशिश भी की जा रही है. यानी आम लोगों की रसोई के लिए गैस उपलब्ध रहे, इस पर सरकार खास ध्यान दे रही है.
फिर समस्या कहां दिख रही है?
असल दिक्कत कमर्शियल गैस सिलेंडर (जो होटल, ढाबे और रेस्तरां इस्तेमाल करते हैं) में देखने को मिल रही है. कई शहरों में होटल और रेस्टोरेंट संगठनों ने सप्लाई में बाधा की शिकायत की है. कुछ जगहों पर डिलीवरी कम होने से कारोबार प्रभावित होने की बात सामने आई है. सरकार ने इस मुद्दे को देखने के लिए तेल कंपनियों की एक समिति भी बनाई है, ताकि जरूरी सेक्टरों को सप्लाई जारी रखी जा सके.













