- दिल्ली के मालवीय नगर में अरुणाचल प्रदेश की महिलाओं के साथ नस्लीय बदसलूकी का वीडियो वायरल हुआ था.
- विवाद तब शुरू हुआ जब महिलाओं के घर में धूल जाने पर हर्ष सिंह और उनकी पत्नी ने आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं.
- दिल्ली पुलिस ने महिला की मर्यादा भंग और समुदायों के बीच दुश्मनी फैलाने के आरोपों में मामला दर्ज किया.
दिल्ली के मालवीय नगर में अरुणाचल प्रदेश की तीन महिलाओं के साथ नस्लीय बदसलूकी करने वाले हर्ष सिंह ने अब सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है. वायरल वीडियो में दिखे हर्ष सिंह और उनकी पत्नी रूबी जैन द्वारा की गई गालियों और नस्लीय टिप्पणियों ने पूरे देश में आक्रोश पैदा कर दिया था.
कैसे शुरू हुआ विवाद?
तीनों महिलाएं अपने किराए के घर में इलेक्ट्रिकल वर्क करवा रही थीं. काम के दौरान कुछ धूल नीचे रहने वाले दंपति हर्ष सिंह और रूबी जैन के घर में चली गई. यहीं से विवाद शुरू हुआ. जो जल्द ही नस्लीय गालियों और अपमानजनक टिप्पणियों में बदल गया.
वीडियो में महिलाओं को 'मोमो' कहा गया. उन्हें मसाज पार्लर चलाने और सेक्स वर्कर होने जैसी आपत्तिजनक बातें कहीं गईं. रूबी जैन ने दावा किया कि उनका परिवार 'कस्टम ऑफिसर और नेता' का है. यह सब पुलिस की मौजूदगी में हुआ. वीडियो वायरल होते ही पूरे नॉर्थ‑ईस्ट से कड़ी प्रतिक्रियाएं आईं. कई मुख्यमंत्रियों और नेताओं ने ट्विटर/X पर कड़ा विरोध जताया.
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दिल्ली पुलिस की कार्रवाई
वीडियो सामने आने के बाद दिल्ली पुलिस ने गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया, जिनमें महिला की मर्यादा भंग करने के आरोप, क्रिमिनल इंटिमिडेशन (धमकी), विभिन्न समुदायों के बीच दुश्मनी फैलाने के आरोप शामिल हैं.
अब आया हर्ष सिंह का सफाईनामा
हर्ष सिंह ने ANI से बात करते हुए कहा, 'हम शर्मिंदा हैं. ऐसा करने का इरादा नहीं था. हीट ऑफ द मोमेंट में बात बढ़ गई. हम दिल्ली पुलिस का पूरा सहयोग कर रहे हैं. न्यायपालिका पर हमें पूरा भरोसा है.' उन्होंने यह भी कहा, सोशल मीडिया सिर्फ एक तरफ का वीडियो देख रहा है. उनके परिवार को अश्लील और फर्जी तस्वीरें भेजी जा रही हैं. हमें दिल्ली का दरिंदा कपल मत बनाइए, हम ऐसे नहीं हैं. मैं नॉर्थ‑ईस्ट के लोगों से माफी मांगता हूं.
सोशल मीडिया पर लोग बोले- ये गुस्सा नहीं, नस्लवाद है
कई सोशल मीडिया यूजर्स ने हर्ष सिंह की सफाई को नकली और दबाव में दी गई माफी बताया. बहुतों ने कहा कि यह सिर्फ एक 'एक्सीडेंटल आउटबर्स्ट' नहीं, बल्कि गहरी जड़ें जमा चुका नस्लवाद है. कई लोगों ने यह भी उठाया कि नॉर्थ‑ईस्ट के लोगों को देश के अलग‑अलग हिस्सों में ऐसे व्यवहार अक्सर झेलने पड़ते हैं और यह घटना उसी पैटर्न की एक और कड़ी है.
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केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया
पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी इस घटना पर कड़ा रुख दिखाया. उन्होंने कहा, 'नस्लीय उत्पीड़न बेहद शर्मनाक है. मामूली विवाद का इस तरह नस्लीय अपमान में बदल जाना अस्वीकार्य है. मैंने दिल्ली पुलिस कमिश्नर से तुरंत और सख्त कार्रवाई करने को कहा है.' उन्होंने आश्वासन दिया कि FIR दर्ज हो चुकी है. आरोपी जल्द गिरफ्तार होंगे. पूर्वोत्तर के लोगों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है.













