ठेले पर चाउमीन-मोमोज खाते हैं तो सावधान ! हापुड़ में बिना टमाटर, एसिड और केमिकल से तैयार 200 लीटर सॉस बरामद

Hapur Fake Tomato Sauce:उत्तर प्रदेश के हापुड़ में फूड सेफ्टी विभाग ने पन्नापुरी इलाके में छापेमारी कर एक अवैध सॉस फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है. यहाँ बिना टमाटर के, खतरनाक एसिड और प्रतिबंधित सिंथेटिक रंगों के मिश्रण से तैयार 200 लीटर जहरीला सॉस मिला. जानिए मेडिकल एक्सपर्ट्स की चेतावनी और इस मिलावटी खेल की पूरी सच्चाई इस विस्तृत रिपोर्ट में

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  • उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग ने टमाटर सॉस बनाने वाली अवैध फैक्ट्री पर छापा मारा
  • जांच में पाया गया कि सॉस बनाने में टमाटर के बजाय एसिड, सड़े-गले सामान और सिंथेटिक रंगों का उपयोग हो रहा था
  • यह मिलावटी सॉस स्थानीय बाजारों, ढाबों और सड़क किनारे के ठेलों पर बेचकर सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा था
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Hapur Tomato Sauce Adulteration:उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसे जानकर शायद आप बाहर ठेलों पर मिलने वाली चाउमीन, बर्गर या मोमोज खाने से पहले दस बार सोचेंगे. जिले के पन्नापुरी इलाके में खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक अवैध फैक्ट्री पर छापा मारा है जहां टमाटर सॉस के नाम पर जहर परोसा जा रहा था. इस छापेमारी में करीब 200 लीटर संदिग्ध सॉस बरामद की गई है, जिसे बेहद गंदी स्थितियों में तैयार किया जा रहा था. दरअसल हापुड़ प्रशासन को लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि शहर में 'वेजिटेबल सॉस' के नाम पर कुछ गड़बड़ चीजें बेची जा रही है, जिसके बाद टीम ने एक मकान में दबिश दी और इस पूरे काले खेल का पर्दाफाश किया.

Hapur Fake Tomato Sauce: खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने जब छापा मारा तो 200 लीटर से अधिक का मिलावटी सॉस मिला

बिना टमाटर के तैयार हो रही थी सॉस

इस पूरी कार्रवाई में सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात जो सामने आई, वो सॉस बनाने का तरीका था. जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि सॉस बनाने में टमाटरों का उपयोग बिल्कुल भी नहीं किया जा रहा था. इसकी जगह सॉस को गाढ़ा और लाल बनाने के लिए एसिड, सड़े-गले बेकार सामान और प्रतिबंधित सिंथेटिक रंगों का धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा था. मौके पर मौजूद अधिकारियों ने बताया कि पहली नजर में ये मिश्रण देखने में ही इतना खराब लग रहा था कि इसे किसी भी सूरत में खाने लायक नहीं माना जा सकता. विभाग ने तुरंत सारा माल सीज कर दिया और सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेज दिए हैं.

स्ट्रीट फूड के जरिए आपकी थाली तक पहुँच रहा खतरा

खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में यह बात भी निकलकर आई है कि यह जहरीला सॉस स्थानीय बाजारों, छोटे ढाबों और सड़क किनारे लगने वाले ठेलों पर सप्लाई किया जा रहा था.चंद रुपयों के मुनाफे के चक्कर में लोगों की जान के साथ यह खिलवाड़ काफी समय से चल रहा था. मौके पर मौजूद खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुनील कुमार त्यागी ने बताया कि टीम ने संदिग्ध सामान को नष्ट करवा दिया है और इसे बेचने वाले नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान की जा रही है. उन्होंने साफ कहा कि लैब रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में कोई जनता की सेहत से ऐसा समझौता न कर सके.
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सेहत के लिए 'स्लो पॉइजन' है यह सॉस

हेल्थ एक्सपर्ट्स और मेडिकल रिसर्च के मुताबिक, इस तरह की मिलावटी सॉस शरीर के लिए 'स्लो पॉइजन' (धीमा जहर) की तरह काम करती है. ब्रिटिश मेडिकल जर्नल (BMJ) और कई हेल्थ रिपोर्ट्स में यह बात सामने आ चुकी है कि सॉस को लाल करने के लिए इस्तेमाल होने वाले 'रोडामाइन-बी' (Rhodamine-B) जैसे सिंथेटिक रंग कैंसर का कारण बन सकते हैं. यदि लैब रिपोर्ट में ये बात सामने आती है तो गंभीर चिंताजनक स्थिति है. इस बारे में मैक्स हॉस्पिटल के गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट्स की अलग-अलग रिपोर्ट्स बताती है कि ऐसे सॉस में इस्तेमाल होने वाला इंडस्ट्रियल ग्रेड एसिड सीधे तौर पर पेट की परत (lining) को जला देता है, जिससे अल्सर और फूड पाइप में इंफेक्शन की समस्या शुरू हो जाती है. डॉक्टरों के मुताबिक, इसमें मिलाया जाने वाला लेड और कॉपर जैसे भारी तत्व किडनी और लिवर को हमेशा के लिए डैमेज कर सकते हैं. बच्चों के लिए यह और भी घातक है क्योंकि उनके विकासशील अंगों पर इन रसायनों का असर बहुत तेजी से होता है, जिससे उनकी इम्यूनिटी कमजोर हो सकती है और भविष्य में गंभीर बीमारियां घेर सकती हैं.
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