असम में बाढ़ से बिगड़े हालात: आठ लोगों की मौत, अब तक 16.25 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित

रिपोर्ट में कहा गया है कि लखीमपुर में सबसे ज्यादा 1.65 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. प्रशासन, राज्य आपदा मोचन बल, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, आपात सेवा और वायु सेना राज्य के विभिन्न हिस्सों में बचाव एवं राहत अभियान में शामिल है.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins
गुवाहाटी:

असम में बाढ़ से लगातार बिगड़ते हालात के बीच बु‍धवार को आठ और लोगों की मौत हो गयी जबकि बाढ़ से 27 जिलों के 16.25 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं.  मंगलवार तक राज्य के 23 जिलों में 11.50 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित थे.

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) की दैनिक बाढ़ रिपोर्ट के अनुसार, सोनितपुर जिले के तेजपुर राजस्व क्षेत्र में दो लोगों की मौत हो गई जबकि मोरीगांव के मायोंग, डिब्रूगढ़ के नहरकटिया, दरांग के पब मंगलाडी, गोलाघाट के देरगांव, बिश्वनाथ के हलेम और तिनसुकिया के मार्गेरिटा में एक-एक व्यक्ति की डूबने से मौत हुई.

इसके साथ ही इस साल बाढ़, भूस्खलन और तूफान में जान गंवाने वाले लोगों की कुल संख्या बढ़कर 56 हो गई है. इसके अलावा सोनितपुर, शिवसागर और गोलाघाट जिलों में तीन अन्य लोग लापता हैं तथा उनके बाढ़ के पानी में बह जाने की आशंका है.

बाढ़ के कारण बारपेटा, विश्वनाथ, कछार, चराईदेव, चिरांग, दारांग, धेमाजी, डिब्रूगढ़, गोलाघाट, जोरहाट, कामरूप मेट्रोपोलिटन, कार्बी आंगलोंग, करीमगंज, लखीमपुर, माजुली, मोरीगांव, नगांव, नलबाड़ी, शिवसागर, सोनितपुर, तमुलपुर, तिनसुकिया और उदालगुड़ी जिले प्रभावित हैं.

Advertisement

रिपोर्ट में कहा गया है कि लखीमपुर में सबसे ज्यादा 1.65 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. प्रशासन, राज्य आपदा मोचन बल, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, आपात सेवा और वायु सेना राज्य के विभिन्न हिस्सों में बचाव एवं राहत अभियान में शामिल है.

विभिन्न जिला प्रशासन द्वारा लगाए गए 490 राहत शिविरों में 2.90 लाख से अधिक लोगों ने शरण ली है. रिपोर्ट में कहा गया है कि ज्यादातर प्रभावित जिलों में बाढ़ के पानी के कारण तटबंधों, सड़कों, पुलों तथा अन्य बुनियादी ढांचों को नुकसान पहुंचा है.
 

Advertisement
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
Featured Video Of The Day
Virat Kohli The Most Searched Cricketer: Google Trends Case Study में देखिए The Kohli Effect!