मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी को बड़ी सफलता, मिजोरम–म्यांमार बॉर्डर पर हुई बड़ी कार्यवाई

जांच में पता चला कि कई हवाला ऑपरेटरों के खातों में 52.8 करोड़ रुपये के भारी-भरकम लेनदेन हुए हैं. कैश डिपॉजिट भी असम, मिजोरम, नागालैंड, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और दिल्ली जैसे राज्यों से किए गए थे.

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मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी को बड़ी सफलता हाथ लगी है. डायरेक्टरेट ऑफ एन्फोर्समेंट की आइजॉल सब–जोनल टीम ने मिजोरम के आइजॉल और चंपाई, असम के करीमगंज के श्रीभूमि और गुजरात के अहमदाबाद में एक साथ बड़ी छापेमारी की. यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून के तहत की गई है.

लगभग 1 करोड़ 41 लाख रुपये की बरामद हुई थी हेरोइन

ED की जांच मिज़ोरम पुलिस की उस FIR के आधार पर शुरू हुई थी, जिसमें 4.724 किलो हेरोइन बरामद हुई थी, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 1 करोड़ 41 लाख रुपये बताई गई थी. इस मामले में 6 लोगों को पकड़ा गया था. जांच में कई अहम वित्तीय लिंक सामने आए.

  • गुजरात की कुछ कंपनियों ने मिज़ोरम की कंपनियों को स्यूडोएफेड्रिन टैबलेट्स और कैफीन एनहाइड्रस सप्लाई की थी.
  • ये दोनों पदार्थ मेथामफेटामाइन बनाने में इस्तेमाल होते हैं.
  • मिजोरम की कंपनियों के तार कोलकाता की कई शेल कंपनियों से भी मिले हैं, जो कैफीन की बड़ी सप्लाई में शामिल थीं.
ED के अनुसार मेथ बनाने में इस्तेमाल होने वाले प्रीकर्सर भारत से म्यांमार भेजे जाते हैं, जहाँ बड़े पैमाने पर मेथामफेटामाइन की अवैध फैक्ट्रियां काम करती हैं. इसके बाद तैयार ड्रग्स म्यांमार से फिर भारत में भेजी जाती हैं, जिसका सबसे बड़ा रास्ता मिजोरम है, जो एक बेहद संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर है.

जांच में हुआ बड़ा खुलासा

जांच में पता चला कि कई हवाला ऑपरेटरों के खातों में 52.8 करोड़ रुपये के भारी-भरकम लेनदेन हुए हैं. कैश डिपॉजिट भी असम, मिजोरम, नागालैंड, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और दिल्ली जैसे राज्यों से किए गए थे. इन हवाला ऑपरेटरों से ED की पूछताछ जारी है. ED की तलाशी में 35 लाख रुपये नकद, कई मोबाइल/लैपटॉप सहित डिजिटल डिवाइस और अहम दस्तावेज मिले हैं. सभी डिजिटल डेटा की जांच की जा रही है, आगे और बड़ी कार्रवाइयां संभव हैं.

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