ये सत्ता का अहंकार...शंकराचार्य विवाद में अखिलेश के बाद डिंपल यादव की एंट्री

सपा सांसद डिंपल यादव ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के साथ कथित अभद्रता, चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी, और राज्यपालों के बढ़ते हस्तक्षेप पर योगी सरकार और केंद्र को घेरा. मणिकर्णिका घाट मामले और EU–India डील पर भी सवाल उठाए.

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  • सपा सांसद डिंपल यादव ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के साथ पुलिस की कथित अभद्रता की कड़ी निंदा की
  • डिंपल ने मणिकर्णिका घाट पर मूर्ति तोड़े जाने पर प्रदेश सरकार और अधिकारियों की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए
  • चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि नोटिस प्राप्त करने की प्रक्रिया जटिल और चिंताजनक
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मैनपुरी:

सपा सांसद डिंपल यादव ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के साथ हुई कथित अभद्रता को “दुर्भाग्यपूर्ण” बताते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी और उसका शीर्ष नेतृत्व इस घटना की कड़ी निंदा करता है. उन्होंने कहा कि जहां एक ओर भारतीय जनता पार्टी स्वयं को सनातन संस्कृति के रक्षक के रूप में पेश करती है, वहीं दूसरी ओर साधुओं के सम्मान को लेकर उसका दोहरा रवैया सामने आता है.

डिंपल यादव का क्या आरोप

डिंपल यादव ने आरोप लगाया कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी के साथ पुलिस ने कैसा व्यवहार किया, वह वीडियो में साफ दिखता है. यूपी के शीर्ष अधिकारी झूठ बोलते हुए नजर आए. उन्होंने मणिकर्णिका घाट पर मूर्ति तोड़े जाने और इस पर जारी वीडियो को लेकर कहा कि प्रदेश का मुखिया झूठ फैलाता दिखा, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है. प्रशासन द्वारा शंकराचार्य को नोटिस भेजकर उनकी पहचान का प्रमाण मांगने पर सपा सांसद ने सरकार को कटघरे में खड़ा किया.

उन्होंने कहा कि सत्ता पर बैठे लोगों का अहंकार बोल रहा है. बीजेपी नेतृत्व को शंकराचार्य जी से माफी मांगनी चाहिए. डिंपल ने यह भी कहा कि शंकराचार्य स्वयं कह चुके हैं कि ‘कंस के मंत्री अधिक क्रूर होते हैं और अपने मालिक को खुश करने के लिए अत्याचार करते हैं', और यही रवैया भाजपा सरकार में दिखाई दे रहा है.

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'दो-दो जगह वोट' विवाद पर सपा की प्रतिक्रिया

सपा प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा लगाए आरोप है कि SIR (सिस्टम ऑफ इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन) के बाद लोगों के नाम दो जगह वोटर लिस्ट में दिख रहे हैं पर भी डिंपल यादव ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए. उन्होंने कहाडेढ़ सौ से अधिक नोटिस जारी हो चुके हैं. ऑफिसर्स के लिए भी स्थिति कठिन बनी है. लोगों को 20–20 किमी दूर जाकर नोटिस कलेक्ट करना पड़ रहा है, फिर दूसरी जगह जमा करना पड़ रहा है. उन्होंने चुनाव आयोग पर प्रक्रिया को कठिन बनाने का आरोप लगाया और कहा कि यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर प्रश्नचिह्न है.

गवर्नरों को BJP की कठपुतली बताने वाले बयान पर प्रतिक्रिया

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने कहा था कि BJP राज्यपालों को कठपुतली की तरह इस्तेमाल कर रही है, डिंपल यादव ने सहमति जताई. उनके अनुसार केंद्र में भाजपा सरकार आने के बाद से राज्यपालों का हस्तक्षेप बढ़ा है. यह संविधान में निर्धारित राज्यों की शक्तियों और अधिकारों में बाधा डालता है. राज्य सरकारों को सुचारू रूप से चलना चाहिए, लेकिन गवर्नर बार-बार हस्तक्षेप कर रहे हैं.

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EU–India डील पर डिंपल यादव की प्रतिक्रिया

यूरोपीय संघ और भारत के बीच होने वाली बड़ी डील पर बोलते हुए डिंपल यादव ने विदेश नीति को लेकर सरकार से सवाल किए. उन्होंने कहा कि डील के बाद ही असली तस्वीर सामने आएगी. अमेरिका के रवैये पर भी उन्होंने चिंता जताई. विशेषकर वीजा दिक्कतें, छात्रों की परेशानियां और भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि पर असर. उनके मुताबिक यह विदेश मंत्री पर निर्भर करता है कि पिछले 10–12 दशकों से बने हालात को वे किस तरह संभालते हैं.

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